10 करोड़ की लागत से वरिष्ठ नागरिकों के लिए शिवराज सरकार तैयार कर रही है फाइव स्टार वृद्धाश्रम, मिलेगी शाही सुविधा

10 करोड़ की लागत से वरिष्ठ नागरिकों के लिए शिवराज सरकार तैयार कर रही है फाइव स्टार वृद्धाश्रम, मिलेगी शाही सुविधा

भोपाल। प्रदेश की शिवराज सरकार इस वर्ष राजधानी भोपाल में एक शानदार वृद्धाश्रम शुरू करने जा रही है। उक्त वृद्धाश्रम सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण विभाग के द्वारा संचालित किया जावेगा। सामाजिक न्याय विभाग के प्रमुख सचिव प्रतीक हजेला वृद्धाश्रम से जुड़ी अपनी बात रखते हुए कहा कि देश में कई आधुनिक सुविधाओं से लैस वृद्धाश्रम है। जिन्हें गैर सरकारी संगठन अथवा निजी कंपनियों द्वारा संचालित किया जाता है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश सामाजिक न्याय विभाग वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक खास तरह का ओल्ड एज होम शुरू करने जा रहा है। उक्त वृद्धाश्रम ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए होगा जो अलग-अलग सुविधाओं के लिए शुल्क का भुगतान कर सकते हैं।

10 करोड़ की लागत से होगा तैयार

रिपोर्ट की माने तो उक्त वृद्धाश्रम लोक निर्माण विभाग द्वारा 10 करोड़ की लागत से तैयार करवाया जा रहा है। जिसमें सभी तरह की शाही सुविधाएं मौजूद होगी। उक्त भवन की दीवार से लेकर फर्श तक पूरी डिजाइन स्पेशलिस्ट्स द्वारा तैयार कराई जा रही है। हजेला बताते है कि इस वृद्धाश्रम के कमरे फाइव स्टार होटल की तरह शानदार होंगे। जिसके मैनेजमेंट का जिम्मा राज्य सरकार द्वारा एक प्राईवेट कंपनी को देने की है। यह जिम्म उस कंपनी को सौंपा जाएगा। जिसके पास हास्पिटैलिटी का अनुभव हो।

सफल हुआ तो होगा विस्तार

मध्य प्रदेश सामाजिक न्याय विभाग भोपाल में इस वृद्धाश्रम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने जा रहा है। हजेला बताते है कि यदि यह सफल हुआ तो इसे प्रदेश के अन्य शहरों में भी शुरू किया जाएगा। यह वृद्धाश्रम उन लोगों के लिए काफी अच्छा है जो अब तक आरामदेह जीवन जी रहे थे और अब उन्हें अकेले जीवन यापन करना पड़ रहा है। ऐसे में इन्हें सुरक्षित स्थान प्रदान करने के लिए इस वृद्धाश्रम की शुरुआत की जा रही है। उनकी सुरक्षा भी चिंता का विषय है क्योंकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए मध्य प्रदेश दूसरा सबसे असुरक्षित स्थान है।

57 लाख से अधिक है वरिष्ठ नागरिक

साल 2011 में की गई जनगणना के अनुसार मप्र जनसंख्या के मामले में 7वें पायदान पर है। जहां वरिष्ठ नागरिकों की आबादी करीब 57 लाख से अधिक है। वहीं राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की एक रिपोर्ट की माने तो महाराष्ट्र के बाद मध्यप्रदेश दूसरा ऐसा स्थान है। जहां वरिष्ठ नागरिक सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। साल 2020 में वरिष्ठ नागरिकों के साथ अपराध के करीब 4602 मामल दर्ज हुए हैं।

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