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रीवा का सुन्दरजा आम स्वाद में बेहद लजवाब, देश ही नहीं विदेशों में भी सबसे पॉपुलर

रीवा जिले के गोविंदगढ़ के बगीचों में होने वाली सुंदरजा (SundarJa mango )आम की खुशबू अब विंध्य के आलावा देश विदेशों में पहुंच चुकी है लोग अब सुंदरजा आम के जानने और खाने के लिए लोग बेकरार है इसकी मिठास का कोई तोड़ नहीं है क्योंकि इस आम का उपयोग डायबिटीज के मरीज भी कर सकते हैं। इस आम की खासियत यह है कि सुंदरजा रेशे नही होते हैं।

सुंदरजा आम कहा मिलता है

यह आम पहले तो रीवा ज़िले के गोविंदगढ़ किला परिसर में स्थित बगीचे में हुआ करता था और उसके बाद पूरे गोविंदगढ़ इलाके के साथ रीवा के कुठुलिया फल अनुसंधान केंद्र में भी बहुतायत मात्रा में पाया जाता है बताया जाता है कि गोविंदगढ़ के बागों की मिट्टी में या करिश्मा है कि सुंदरजा हल्का सफेद रंग का होता है जबकि रीवा के कुठुलिया फल अनुसंधान केंद्र में हल्का हरा होता है।

पहले यह आम राजा रजवाड़ों की पहली पसंद था लेकीन अब यह देश विदेश में मशहूर हैं।

रीवा के गोविंदगढ़ किला परिसर में स्थित बगीचे में सुंदरजा आम राजा रजवाड़ों की खास पसंद माना जाता था लेकिन अब यह देश दिल्ली मुंबई छत्तीसगढ़ गुजरात सहित कई राज्यों में लोग एडवांस आर्डर देकर मगवाते है। इतनाही नही विदेशों में खूब पसंद किया जाता है खासतौर से फ्रांस इंग्लैंड अमेरिका अरब देशों में इसकी काफी डिमांड है।

सुंदरजा के नाम पर जारी हुआ था डाक टिकट

आपको बता दें कि सुंदरजा आम इतना लोकप्रिय है सन 1968 में इस आम के नाम पर डाक टिकट जारी किया गया था।

सुंदरजा आम की क्या खासियत है

इस आम की खुशबू इतनी इतनी जबरदस्त है। कि आप आंख बंद करके भी इसकी खुशबू से पहचान कर सकते हैं फल अनुसंधान केंद्र रीवा के वैज्ञानिकों का मानना है कि सुंदरजा आम गोबिंदगढ़ की मिट्टी का भी कमाल है। इस मिट्टी में उगने वाले पेड़ो से निकलने वाले फल स्वाद लाजवाब है।

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