hindinews11.com

Rewa News : ओंकारेश्वर से दर्शन कर रीवा लौट रहे कार सवार खण्डवा में दुर्घटनाग्रस्त, 3 की मौत

Rewa News : ओंकारेश्वर से दर्शन करके रीवा लौट रहे कार सवार खण्डवा में दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। इस दुर्घटना में कार सवार तीन लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई है।

इस दुर्घटना के संबंध में मिली जानकारी की माने तो उक्त कार सवार रीवा के रहने वाले हैं। जिन्होंने हाल ही में एक नई कार खरीदी थी। जिसमें सवार होकर बीते दिनों वह ओंकारेश्वर दर्शन के लिए परिवार कुल 6 सदस्य गए हुए थे। दर्शन करके कार सवार घर आ रहे थे। जैसे ही कार खण्डवा क्षेत्र में पहुंची वह एक पेड़ से टकरा गई।

जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना मंगलवार की तड़के 3 बजे हुई है। कार की रफ्तार काफी तेज थी। जिस कारण वह नियंत्रण से बाहर हो गई और एक पेड़ से टकराते हुए पलट गई। कार में कुल 6 लोग सवार थे। जिसमें 6 वर्षीय मासूम के साथ उसके पिता व चाचा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई है। जबकि बच्चे की मां व तीन साल की बच्ची व एक युवक सुरक्षित हैं।

दुर्घटना में जीवित बचे उपेंद्र पिता माखनलाल उम्र 25 वर्ष ने बताया कि कुछ माह पहले ही काम के सिलसिले में नागपुर शिफ्ट हुए थे। भाई प्रतीक ने नई कार खरीदी थी, जिससे हम ज्योतिर्लिंग दर्शन करने निकले थे। पहले इंदौर होते हुए उज्जैन गए। महाकाल के दर्शन के बाद ओंकारेश्वर आए। यहां दर्शन कर खंडवा के लिए निकले। बीच में एक जगह भोजन के लिए रुके। आशापुर-बैतूल हाईवे पर रात करीब तीन बजे रोशनी के पास कार दुर्घटनागस्त हो गई। कार प्रतीक चला रहा था। थके होने से सब नींद में थे। अचानक कार पलटकर पेड़ से जा टकराई।

घटना में चचेरे भाई मोहित उर्फ सुधीर पिता राजेश मिश्रा उम्र 32, प्रतीक पिता अमृतलाल मिश्रा उम्र 25वर्ष, व मोहित के 6 साल के बेटे युवान की मौके पर ही मौत हो गई। मोहित की पत्नी आभा उम्र 28 वर्ष, देवर उपेंद्र पिता अमृतलाल उम्र 26 वर्ष को मामूली चोट आई है। मोहित की दो साल की बेटी यशी भी सुरक्षित है। बता दें कि इस बात की जानकारी होते ही मिश्रा परिवार सुबह रोशनी अस्पताल पहुंच गया, हालांकि यहां इनको प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा और करीब 13 घंटे तक उनको शव वाहन ही नहीं दिया गया। खंडवा में हुई इस घटना से जिले भर में शोक की लहर है।

Also Read- Sidhi News : तंत्र विद्या के शक में भांजे ने कुल्हाड़ी से काटा मामा का सिर, कटे सिर को लेकर घंटों की तफरी

Also Read- One Rupee India 1939 : पेटी संदूक में यह दुर्लभ सिक्का है आपके पास तो मिलेंगे पूरे 20 लाख,

Leave a Comment