Sunday, June 4, 2023
HomeBUSINESSकम लागत में छप्पर फाड़ कमाई देगा बतख पालन का व्यवसाय, जाने...

कम लागत में छप्पर फाड़ कमाई देगा बतख पालन का व्यवसाय, जाने Duck farming की पूरी प्रोसेस

Duck farming: कम लागत में छप्पर फाड़ कमाई देगा बतख पालन का व्यवसाय, जाने Duck farming की पूरी प्रोसेस .आजकल खेती के साथ डबल मुनाफा कमाने के लिए किसान भाई खेती के साथ साथ पशुपालन का व्यवसाय भी करने लगे है। बहुत से लोग बकरी पालन, मुर्गीपालन और बटेर पालन कर तगड़ा मुनाफा कमा रहे है। आज हम आपको बत्तख पालन के बारे में बताने जा रहे है। एक आकर्षक कृषि व्यवसाय है। बत्तख के अंडे और मांस से किसानों को खूब आमदनी होती है। पोल्ट्री व्यवसाय में मुर्गी के बाद बत्तख पालन सबसे अधिक किया जाता है। यह किसानो के लिए मुर्गी पालन से अधिक मुनाफे का सौदा साबित हुआ है।

बतखों के लिए उत्तम आहार

आपको जानकारी के लिए बता दे की बतख पालन में आपको मुर्गियों की तरह कोई विशेष दाना खिलने की आवश्यकता नहीं होती है। बता दे की बत्तखें कुछ भी खा लेती हैं, जैसे रसोई से निकला फल और सब्जियों का वेस्ट, जूठन, चावल, मक्का, चोकर, घोंघे, मछली आदि बतखों द्वारा काफी पसंद किया जाता है। नदियों में छोटे-मोटे कीड़े मकोड़े खाकर ये आसानी से अपना पेट भर लेती हैं। इसलिए, इनके आहार पर कुछ खास खर्च नहीं करना पड़ता।

यह भी पढ़े: बकरे की यह नस्ल चमकाएगी आपकी किस्मत, पालन कर आप भी कमा सकते हो लाखों का मुनाफा, जाने इसकी खासियत

बत्तखों का उचित विकास के लिए इस प्रकार करे आवास का प्रबंधन

  • स्टार्टर राशन- रसोई का कचरा, जूठन, चावल, मक्का, चोकर, घोंघे, मछली का आहार ये राशन चूजों को दिया जाता है
  • ग्रोअर राशन- ये राशन 15-20 दिन के बाद चूजों को दिया जाता है.जिससे चूजे तंदरुस्त और जल्द ही बड़े होते है।
  • फिनिशर राशन- ये राशन 2-3 महीने के बाद बड़े चूजों को दिया जाता है, जो इनकी शारीरिक विकास में मदद करता है।

कम लागत में छप्पर फाड़ कमाई देगा बतख पालन का व्यवसाय, जाने Duck farming की पूरी प्रोसेस

बतख पालन करते समय इन बातो का रखे ध्यान

  • बतखों के शेड का फर्श सूखा व साफ रखें. इसके साथ ही ऐसे स्ताहनो पर शेड का निर्माण करे झा बैठकों को खाने के लिए कीड़े मकोड़े मिलते रहे है।
  • और सबसे खास बात बत्तखों के चूजे हमेशा रोग रहित व अच्छी नर्सरी से लें. जो आपको बेहतर मुनाफा दे सके।
  • बीमार बत्तखों को तुरंत शेड से हटाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दे।
  • मरे हुए बत्तखों को जला दें या कहीं दूर ले जाकर गहरे गढ्ढे में दफना दे।
  • समय समय पर चिकित्सक से सलाह लेकर बतखों को जरूरी टीके लगवाएं.
  • इस व्यवसाय में नुकसान से बचने के लिए चूजों पर विशेष ध्यान दें.
  • चूजों की कमी का सीधा असर व्यवसाय पर पड़ता है.इसलिए चूजों की करे विशेषकर देखभाल

बेहतर मुनाफे के लिए करे इन उन्नत नस्लों का पालन

  • बतखों की ये प्रमुख नस्ले सफेद पैकिंग, एलिसबरी, मस्कोवी, राउन, आरफींगटन, स्वीडन, पैकिंग मांस उत्पादन के लिए बेहतर मानी जाती है।
  • इंडियन रनर इस प्रजाति की बतख अंडा उत्पादन के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है।
  • खाकी कैंपबेल बतख की ये नस्ल आपको मांस और अंडा दोनों के उत्पादन के लिए काफी फायदेमंद है।

यह भी पढ़े: ये है धरती की सबसे सूखी जगह, जहां कभी नहीं होती बारिश, वजह बेहद चौकाने वाली

बतख पालन के व्यवसाय से कितनी होगी कमाई

आपको बता दे की मुर्गी पालन से कई मायनो में बेहतर है बतख पालन, एक बत्तख एक साल में लगभग 280 से 300 अंडे देती है, जो मुर्गियों के मुकाबले दोगुनी है। बाज़ार में आपको इसके एक अंडे की कीमत 6 से 8 रुपये तक मिल जाती है। इसके मांस और अंडे में प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है। मार्किट में इसके मांस की मांग भी काफी अधिक है। लागत की बात करें तो बत्तख पालन व्यवसाय में 1,000 चूजों पर साल भर में 1-1.5 लाख रुपये का खर्च आता है। इससे पशुपालकों को प्रतिवर्ष 3-4 लाख रुपये की कमाई आसानी से हो जाती है। इस प्रकार बतख पालन कर आप भी हो सकते हो मालामाल।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments

Join our Whatsapp Group