Wednesday, May 25, 2022

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SBI ATM लगवाने की रखते हैं इच्छा तो जान लीजिए पूरी प्रोसस

अगर आप खाली पड़ी जगह व दुकान में SBI का ATM लगवाना चाहते हैं। तो जानिए क्या है नियम, कैसे इसके लिए आप आवेदन कर सकते हैं।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ग्राहकों का खास ख्याल रखता हैं। बैंक के कस्टमर्स को लेन-देन में दिक्कत न हो इसके लिए वह हर क्षेत्र में एटीएम खोल रखा हैं। एसबीआई के एटीएम आप भी जगह-जगह लगे हुए देखें होंगे। यह एटीएम बैंक परिसर अथवा दुकानों में लगे रहते हैं। बैंक प्रबंधन इन दुकानों को किराए पर लेकर एटीएम खोलता है। ऐसे में अगर आपके पास भी खाली जगह व दुकान पड़ी हैं तो वहां आप भी एटीएम लगवा सकता हैं। जिसके बदले आपको एक अच्छा किराया बैंक प्रबंधन द्वारा दिया जाता है। ऐसे में एटीएम लगवाने की क्या प्रोसेस है चलिए जानते हैं।

यह है ATM लगवाने की प्रक्रिया

अगर आप दुकान अथवा खाली पड़ी खुद की जगह में एसबीआई का एटीएम लगवाना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको बैंक प्रबंधन से संपर्क करना होगा। बैंक के नियमानुसार आपको अपना आवेदन अपने क्षेत्र के एसबीआई व्यवसायिक कार्यालय में देना होगा। बैंक का कहना है कि आप अपने क्षेत्र के आरबीओ का पता से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा यह जानकारी नजदीकी शाखा से भी ली जा सकती है।

ATM लगवाने महत्वपूर्ण जानकारी

अगर आप भी एटीएम से मोटी कमाई करना चाहते हैं तो आपके पास एक पर्याप्त जगह होनी चाहिए। यह जगह इतनी हो कि यहां एटीएम का सेटअप अच्छी तरह से किया जा सके। यह स्थान एक दुकान की साइज में भी हो सकता है। लेकिन यह दुकान एटीएम के हिसाब से थोड़ी बड़ी होनी चाहिए। इसके लिए आप सीधे बैंक से संपर्क करने के साथ ही कई एजेंसियां भी हैं जो एटीएम लगवाने का काम करती है। जिनसे आप संपर्क कर सकते हैं। इन एजेंसियों में टाटा इंडीकैश एटीएम, इंडिया वन एटीएम, मुथूट एटीएम जैसी कंपनियां शामिल हैं।

ऐसे होती है कमाई

ATM लगवाने पर दो तरह से कमाई होती है। एक डील में तो यह बात होती है कि आपको हर महीने के हिसाब से किराया दिया जाएगा। इसके अलावा एक कॉन्ट्रेक्ट डील भी की जाती है। जो कई कंपनियां ट्रांजेक्शन के आधार पर इस डील को करते हैं। उक्त एटीएम से जितने ज्यादा ट्रांजेक्शन होंगे, उतना ही फायदा मकान मालिक को दिया जाता है। ऐसे में महीने में हुए ट्रांजेक्शन के आधार पर किराए का भुगतान किया जाता है। इसके अलावा महीने का किराया लॉकेशन अथवा प्रोपर्टी की साइज आदि पर भी निर्भर करता है।

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