मोहिनी एकादशी पर यह कथा श्रवण करने से मिलती है हजारों गायों को दान करने जैसा पुण्य लाभ

मोहिनी एकादशी पर यह कथा श्रवण करने से मिलती है हजारों गायों को दान करने जैसा पुण्य लाभ

हिन्दू धर्म में एकादशी तिथि का बड़ा महत्व है। यह तिथि महीन में दो बार पड़ती है। पहली शुक्ल पक्ष की एकादशी व दूसरी कृष्ण पक्ष की एकादशी। लेकिन वैशाख मास में पड़ने वाली एकादशी तिथि सबसे बढ़कर व खास हैं। ऐसा क्यों चलिए जानते हैं।

हिन्दू पंचांग की माने तो साल में कुल 24 एकादशी तिथि आती है। लेकिन वैशाख मास की शुक्ल पक्ष को पड़ने वाली एकादशी मोहिनी एकादशी नाम से जानी जाती है। मान्यता है कि इस एकादशी भगवान विष्णु ने मोहिनी स्वरूप धारण किया था। इसलिए इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरुप की पूजा कर व्रत रखते हैं। इस व्रत को करने से सभी प्रकार के दुख व पापों से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि व्रत की कथा का पाठ करने मात्र से ही 1000 गायों के दान करने के बराबर पुण्य मिलता है।

मोहिनी एकादशी पर यह कथा श्रवण करने से मिलती है हजारों गायों को दान करने जैसा पुण्य लाभ

क्या है कथा

सरस्वती नदी के समीप भद्रावती नाम का एक नगर था। जहां पर एक धनपाल नाम का वैश्य रहता था, जो धन-धान्य से सम्पन्न था। वह हमेशा पुण्य कर्म में ही लगा रहता था। इस वैश्य के पांच पुत्र थे। इनमें सबसे छोटा धृष्टबुद्धि था। जो पाप कर्मों में अपने पिता का धन लुटाता रहता था। एक दिन वह नगर में एक लड़की के गले में बांह डाले चौराहे पर घूम रहा था। तभी उसके परिजन देख लिए। बेटे के इस कृत्य से नाराज पिता ने उसे घर से निकाल दिया तथा बंधु-बांधवों ने भी उसका साथ छोड़ दिया।

वह दिन-रात दुख व शोक में डूब कर इधर-उधर भटकने लगा। एक दिन वह किसी पुण्य के प्रभाव से महर्षि कौण्डिल्य के आश्रम पर जा पहुंचा। तब वैशाख का महीना चल रहा था। कौण्डिल्य गंगा में स्नान करके आए थे। धृष्टबुद्धि शोक के भार से पीड़ित हो मुनिवर कौण्डिल्य के पास गया, जहां हाथ जोड़कर बोला, हे ब्राह्मण! मुझ पर दया कीजिए व कोई ऐसा व्रत बताइए जिसके पुण्य के प्रभाव से मेरे दुखों का अंत हो।

तब ऋषि कौण्डिल्य ने उसे बताया कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में मोहिनी नाम से प्रसिद्ध एकादशी का व्रत करो। इस व्रत के पुण्य से कई जन्मों के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। तब धृष्टबुद्धि ने ऋषि की बताए अनुसार विधि पूर्वक व्रत किया। जिससे वह निष्पाप हो गया व दिव्य देह धारण कर श्री विष्णुधाम को चला गया।

Also Read- 3 रूपए से बढ़कर यह शेयर पहुंचा 2244 रूपए, अब तक दिया 59000 फीसदी रिटर्न

Also Read- Amazon दे रही है फ्री में 25000 रूपए जीतने का मौका, बस आपको करना होगा यह छोटा सा काम!

Leave a Reply

Your email address will not be published.