Wednesday, May 18, 2022

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Somvati Amavasya पर करें यह काम, दूर होंगे सारे संकट, जानिए महत्व, शुभ मुर्हूत आदि

माघ मास की अमावस्या (Somvati Amavasya 2022) तिथि बेहद पवित्र एवं शुभ मानी गई है। इस दिन स्नान, दान व पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से लोगों के सारे कष्ट दूर होते हैं और पितरों का आर्शिवाद सालभर प्राप्त होता रहता है।

Somvati Amavasya पर करें यह काम, दूर होंगे सारे संकट, जानिए महत्व, शुभ मुर्हूत आदि

हिन्दू पंचांगों की माने तो माघ महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि (Somvati Amavasya 2022) को मौनी अमावस्या कहा जाता है। इस मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहते हैं। लेकिन जब यही अमावस्या सोमवार को पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। सभी अमावस्याओं में मौनी अमावस्या अति शुभ फल प्रदान करती है। वैसे भी माघ का महीना बेहद पवित्र महीना में से एक है। इस महीने दान, स्नान व पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। ऐसे में चलिए जानते हैं सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2022) का महत्व, शुभ मुर्हूत व लाभ के बारे में।

सोमवती अमावस्या शुभ मुर्हूत

सोमवती आमवस्या का (Somvati Amavasya 2022) शुभ मुर्हूत सोमवार 31 जनवरी 2022 को रात्रि 02.18 से होगा। जबकि समापन 1 फरवरी 2022 मंगलवार को सुबह 11.15 बजे होगा। चूंकि स्नान सूर्योदय के समय होता है। ऐसे में 1 फरवरी के दिन स्नान आदि किया जाएगा।

अमावस्या पर इन कामों को करने से दूर होते है संकट

सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2022) के दिन मान्यता है कि एक पीपल का पौधा लगाए। ऐसा करने से पितर बेहद प्रसन्न होता है। पीपल का पौध जिस तरह से धीरे-धीरे बड़ा होता है ठीक उसी प्रकार से उनका आर्शिवाद प्राप्त होता है और संकट धीरे-धीरे दूर होते हैं। वैसे पीपल का पौध किसी भी अमावस्या को लगाया जा सकता है। लेकिन 31 जनवरी को पड़ने वाली अमावस्या को कार्य कार्य करने से अति शुभ फल की प्राप्ति होती है। सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की विधि पूर्वक पूजा करें, पीले रंग के पवित्र धागे को 108 बार परिक्रमा करके बांधें। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है। सोमवती अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। पूजन से पहले खुद पर गंगाजल का छिड़काव अवश्य करें। इस दौरान गीता के सातवें अध्याय का पाठ करें। जिससे कष्ट दूर होते है और पितर प्रसन्न होते हैं।
सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2022) के दिन सूर्योदय से पहले पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है। इस दिन दान, पुण्य का भी बड़ा महत्व है।

नोट- इस आलेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। इसलिए किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पूर्व जानकार सलाह अवश्य लें।

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