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भारत-चीन सीमा में झड़प के दौरान रीवा का लाल दीपक सिंह शहीद

रीवा। देश की रक्षा करते हुए जिले के मनगंवा थाना के मनिकवार चौकी अंतर्गत फरेदा गांव का दीपक सिंह (Deepak singh) पुत्र गजराज सिंह गहरवार 28 वर्ष लद्दाख के गलवान घाटी में सोमवार की रात चीनीं सैनिकों से लड़ाई लड़ते हुए शहीद हो गया है। शहीद सैनिक के शहादत की जानकारी लगते ही विंध्य क्षेत्र सहित रीवा और शहीद के गांव फरेहदा में शोक छा गया है। 

गांव के लोग सुबह से ही शहीद के घर में पहुचने लगे। जंहा अपने इस लाल के खोने का उन्हे गम था और सभी के आंखो में आशु है वही इस बात को लेकर गर्व है कि इस धरती का लाल और उनका भाई आज देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिया है। ज्ञात हो कि भारत.चीन बार्डर के गलवान घाटी में चीनीं सैनिकों से युद्व करते हुए लगभग 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थें। शहीदों में रीवा का दीपक सिंह भी है।

बिहार रेजींमेंट में दे रहा था सेवाएं

शहीद दीपक सिंह की शिक्षा गांव के मनिकवार स्कूल से शुरू हुई थी और स्कूल की शिक्षा गांव में पूरी करने के साथ ही सेना में नौकरी करने के लिए तैयारी करने में लगा हुआ था। वह अपने बड़े भाई से अक्सर सेना में नौकरी को लेकर जानकारी लेता था। लगभग 5 वर्ष पूर्व वह बिहार रेजींमेंट में सैनिक के पद पर सेना में ज्वाइन किया था। लेह लद्रदाख के पूर्व वह देहरदून में पदस्थ था। फरवरी में उसकी पोस्टिंग लेह लद्रदाख में हुई थी। 

6 माह पूर्व हुआ था विवाह

दीपक सिंह का विवाह 6 माह पूर्व 16 दिसम्बर को रायपुर कर्चलियान के जोगिनहाई गांव में हुआ था। बताया जा रहा है कि लेह लद्रदाख जाने के पूर्व वह गांव आया था और लॉक डाउन के पूर्व ही फरवरी माह में वह डूयूटी पर चला गया था। वह डूयुटी पर जाने के दौरान यह कह कर गया था कि गर्मी में छुट्रटी मिलेगी तब वह गांव आएगा लेकिन लॉक डाउन हो जाने से वह शायद चार माह से गांव नही आया था।


बचपन में उठ गया था मां का साया

बताया जा रहा है कि दीपक सिंह के मां की मौत उसके बचपन में ही हो गई थी। जिसके चलते दोनों भाईयों का लालन-पालन उनके पिता गजराज सिंह ने ही किए था। बचपन में मां के प्यार से वंचित रहे दीपक ने विवाह के 6 माह में ही पत्नी का साथ छोड़कर वह देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौक्षवर कर दिया।

शहीद के घर पहुचा प्रशासन

फरेदा गांव के दीपक सिंह के बार्डर पर शहीद होने की जानकारी लगने के बाद मनगंवा थाना प्रभारी एसएन शुक्ला तथा स्थानिय प्रशासन के अधिकारी उनके घर पहुचें और शहीद के शहादत की जानकारी देने के साथ ही प्रशासन ने व्यावस्था को लेकर जायजा भी लिया है। बताया जा रहा है कि शहीद का पार्थिव शरीर गलवान घाटी से लेह सेना के जवान लेकर पहुच गए है। माना जा रहा है कि गुरूवार को शहीद का पार्थिव शरीर उसके ग्रह गांव फरेहदा पहुचेगा।

बड़े भाई भी है सेना में

शहीद दीपक सिंह का परिवार फैजी है और उसका बड़ा भाई प्रकाश सिंह भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहा है। उसके पिता गजराज सिंह किसान है और वे गांव में खेती का कार्य करते है। पिता को इस बात का गर्व रहा है कि उनके दोनों ही पुत्र देश की रक्षा के कार्य में लगे हुए है। दोनों ही पुत्रों को वे शुरू से भारतीय सेना और देश भक्ति का जज्बा तैयार करते रहे है। यही वजह रही कि उनके पुत्रों में सेना के प्रति प्रेम रहा और वे बड़े होते ही आर्मी में नौकरी कर लिए थें।
वर्जन
शहीद सैनिक फरेहदा गांव का रहने वाला है। इसकी जानकारी प्राप्त हुई है। हम लोग शहीद के घर गए हुए थें। पार्थिव शरीर गुरूवार को उनके गांव पहुचने की संभावना है।
एसएन शुक्लाए थाना प्रभारी मनगंवा।