भूत-प्रेत के चक्कर में भाभी ने मासूम ननद की कर दी हत्या, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

Rewa news रीवा । दो वर्षीय के मासूम के अपहरण व हत्या की गुत्थी आखिरकार मऊगंज पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने अंशी के हत्या के मामले में उसके रिश्ते की भाभी साधना पटेल पत्नी रज्जन पटेल 32 वर्ष को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे कर दिया है। हत्या के पीछे अंधविश्वास कारण सामने आया है। मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल खंडेल ने बताया है कि आरोपिता साधना पटेल अंध्ाविश्वास का शिकार है। वह भ्ाूत, प्रेत पर विश्वास रखती है। घटना दिनांक को जब उसने अपने घर के आंगन में मृतिका अंशी पटेल पुत्री प्रमोद पटेल को देखा तो उसे ऐसा लगा कि उसकी दोनों संतानों को एक बार फिर अकाल मौत का सामना करना पड़ेगा। लिहाजा उसने मुंह दबाकर अंशी की हत्या कर दी। 
भूत-प्रेत के चक्कर में भाभी ने मासूम ननद की कर दी हत्या, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल


साधना के सिर पर चढ़ जाते थे भूत

पुलिस ने बताया कि अंधविश्वास के प्रभाव में इतना ज्यादा साधना थी कि उसे लगता था कि 7 वर्ष पूर्व हुई बेटे और बेटी की मौत के पीछे भूत-प्रेत ही बाधा थी। 7 वर्षो से लगातार वह चौरा लगाकर भूत-प्रेतों की पूजा एवं क्षेत्र के आसपास तथाकथित ओझा से भभूती लेने का काम करती थी। घटना दिनांक को एक बार फिर साधना पटेल अपने सिर पर भूत सवार होने की बात कहती नजर आई। 

पलंग पर बैठ गई थी मृतिका अंशी

पूछताछ के दौरान साधना ने पुलिस को बताया कि अंशी अपने घर से खेलते हुए 40 फिट दूर स्थित उसके मकान के अंदर आ गई और सीधे पलंग पर आकर बैठ गई। उस समय साधना घर का काम कर रही थी। जैसे ही उसने अंशी को देखा उसी समय उसका मृतक बेटा का भूत उसके सिर चढ़ गया। जिसके कारण उसे भूत ने बताया कि उसकी एक और संतान की मौत होने वाली है। अपनी औलाद को भ्ाूत-प्रेत से बचाने के लिए उसने अंशी का मुंह दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। 

क्या था मामला

मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मऊगंज गोपाल खंडेल ने बताया कि शनिवार की सुबह पटेहरा निवासी प्रमोद पटेल घर से भैंस लेकर नदी गए हुए थे। इसी बीच परिजनों ने उन्हें मोबाइल फोन पर सूचना दी कि उनकी दो वर्षीय पुत्री अंशी घर से लापता है। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे प्रमोद पटेल ने पहले परिवारजनों के साथ मिलकर अंशी की खोजबीन की। जब अंशी का कहीं पता नहीं चला तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस व परिजन लगातार अंशी की तलाश करते रहे। तकरीबन 10 घंटे चली तलाश के दौरान अंशी का कोई पता नहीं चला था। हालांकि शनिवार की देर रात तकरीबन 10 बजे के करीब तलाश के दौरान पुलिस घर के ही समीप परिवार के दूसरे आंगन में रखे भूसे के ढेर में अंशी का शव बरामद कर लिया था।

चेहरे पर मिला कातिलों के अंगुली का निशान

मौके पर पहुंची एफएसएल टीम में मौजूद डॉक्टर आरपी शुक्ला ने बताया कि अंशी के चेहरे में कातिल के उंगलियों के निशान मिले थे। उन्होंने बताया कि अपहरण के बाद अंशी की हत्या मुंह दबाकर की गई थी। जबकि शार्टपीएम रिपोर्ट में हत्या के पीछे का कारण दम घुटना बताया गया था। मौके पर मिले साक्ष्य एवं भूसे के आसपास पुलिस को कुछ सबूत भी हाथ लगे थे। 

वर्जन

दो वर्षीय मासूम का अपहरण कर हत्या का मामला प्रकाश में आया था। 24 घंटे चली विवेचना के दौरान पता चला कि मृतिका के रिश्ते की भाभी ने ही उसका मुंह दबाकर उसे मौत के घाट उतारा है। घटना के पीछे अंधविश्वास का ही कारण सामने आया है। आरोपित भाभी को जेल भेज दिया गया है। 
गोपाल खंडेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,मऊगंज।

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