Health: हमेशा स्वस्थ रहने के 4 आसान नियम, आपका डॉक्टर भी नहीं बतायेगा

क्या आपको पता है इस दुनिया में सबसे अमीर और खुश इंसान कौन है? शायद आपके पास कुछ बड़े उद्योगपतियों अथवा मशहूर हस्तियों के नाम होंगे। परन्तु अगर मैं कहूँ कि आप गलत हैं तो शायद आप हैरान हो जायें पर शास्त्रों के अनुसार सबसे अमीर और खुश व्यक्ति वो है जिसका शरीर निरोगी है अर्थात रोगमुक्त है और वो एकदम स्वस्थ है। जिसका शरीर सभी बीमारियों से मुक्त है वो समस्त भोगों का उपभोग करते हुए दीर्धायु जीवन पाता है और सुखी रहता है।
हमेशा स्वस्थ रहने के 4 आसान नियम, आपका डॉक्टर भी नहीं बतायेगा

कहा भी गया है पहला सुख निरोगी काया। आज की कड़ी में हम आपके लिये ऐसे 4 नियम लेकर आये हैं जिनको अपना कर आप एक स्वस्थ शरीर पा सकते हैं। तो आइए शुरू करते हैं।

1. दिन निकलने से पहले जागना:- सबसे पहली और सबसे जरूरी काम जो कि आपको सबसे पहले करना चाहिए वो है सुबह जल्दी उठना और सूर्योदय देखना। आज अस्वस्थता की सबसे बड़ी वजह यही है कि हम रात देर से सोते हैं और सुबह देर से ही उठते हैं जो कि हजारों बीमारियों को निमंत्रण देती है। आयुर्वेद के अनुसार दिन निकलने से पहले उठकर तांबे के पात्र में जल पीना और शौच आदि से निवृत्त होकर खुली हवा में टहलना 60% बीमारियों को यूँही ठीक कर सकता है।

2. सन्तुलित भोजन:- सन्तुलित आहार ही स्वस्थ शरीर का आधार है। जो भी खायें सोच समझ कर ही खायें। हमेशा ये ध्यान में रखें कि जो आप खा रहे हैं क्या वो आपके शरीर के लिए उपर्युक्त है। क्या वो अपनी प्राकृतिक अवस्था में है या बदला जा चुका है अथवा क्या उसके प्राकृतिक तत्व हैं अथवा नष्ट हो चुके हैं। ताजे फल सब्जियों आदि को अपने आहार में शामिल करें। 

आपका आहार यदि 3 से 4 घण्टे में पच जाता है तब जान लीजिए कि आपने सही आहार ग्रहण किया है। भोजन को खूब चबा कर और शांति से खायें। खाते वक़्त किसी भी तरह के कोलाहल, शोक, क्षोभ, ग्लानि, ईष्या आदि को मन में ना लायें। खाने के आधे घण्टे बाद ही जल पियें और रात में सोने से 2 घण्टे पहले भोजन अवश्य कर लें। आपका भोजन मौसम और समय के अनुरूप होना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो क्योंकि ये आपका शरीर है कोई कूड़ाघर नहीं कि कुछ भी डाल लिया। प्रेम से एक एक निवाले को परमात्मा के ऊर्जा रूपी अंश मानकर खायें।

3. शरीर की साफ सफाई-  दोस्तों, आपके इस जीवन का सबसे बड़ा साथी आपका शरीर है जो हर पल हर लम्हा आपके साथ रहेगा जब तक आपमें जान बाकी है आठ इसकी देखभाल आपको अच्छे से करनी चाहिये। यहां हमारा मतलब सजने,सँवरने से नहीं बल्कि शरीर की समुचित देखभाल से है। दोनो वक़्त ब्रश करना, दिन में कम से कम 1 बार जरूर नहाना, बालों-दाढ़ी आदि को साफ सुथरा रहना। समय समय पर अपने शरीर की जांच करवाते रहना। आँखों, दाँतों, त्वचा एवम शरीर के हर अंग का ख्याल रखना। दिन भर में 10 मिनट ही सही परन्तु शारीरिक मेहनत वाला काम जैसे, दौड़ना अथवा व्यायाम आदि अवश्य करना, आदि आदतें आपके शरीर को को स्वस्थ रखने में बहुत मदद करेंगी।

4. मानसिक स्वास्थ्य- फ्रेंड्स शरीर के बाद बारी आती है मानसिक स्वास्थ्य की क्योंकि मन स्वस्थ रहेगा तो उसका प्रभाव शरीर पर नजर आएगा ही आएगा। मन मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिए, स्वभाव को सरल और नेक बनाना चाहिए। सुख और दुःख को प्रकृति में निहित मानते हुए अपना कर्म करते रहना चाहिए। 

दिन भर में कम से कम 10 मिनट ही सही एकांत में आँख बंद करके शांत ज़रूर बैठना चाहिए और सोचना चाहिये कि कैसे हम इस जीवन को और बेहतर कर सकते हैं कैसे हम खुशियों की ओर अपने कदम बढ़ा सकते हैं ताकि हम और हमसे जुड़े लोग खुशी खुशी अपना जीवन व्यतीत कर सकें। मेहनत से जी नहीं चुराना चाहिए और जीवन का हर लम्हा जिंदादिली से जीना चाहिए। आपकी सुबह की शुरुआत और रात का अंत ईश्वर को शुक्रिया कहते हुए चेहरे पर मुस्कान के साथ होनी चाहिए।

बस यही जीवन है दोस्तों, अगर आप स्वस्थ हैं तो सबकुछ है, अगर स्वस्थ नहीं, तो कुछ भी नहीं।

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