Rewa weather today: तेज हवाओ के साथ झमाझम हुई बारिश, गिरे ओले

Rewa weather today: रीवा। शनिवार की सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला रहा। सुबह हवाओ के साथ हल्कि बारिश हुई। इसके बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। शाम होते ही मौसम ने एक बार फिर से अपना मिजाज बदला और रात तकरीबन 8 बजे तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। बारिश का यह क्रम लगभग 20 मिनट तक जारी रहा। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश के बीच चने के आकार ओले भी पड़े। 
Rewa weather today: तेज हवाओ के साथ झमाझम हुई बारिश, गिरे ओले

शनिवार की रात हुई इस बारिश से किसानों की खलिहान में रखी फसल पूरी तरह से भीग गई हैं। इसके अलावा खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान हुआ हैं। तेज हवाओं से  खेतों की फसलें पसर गई है तो वहीं किसानों की खलिहान की रखी फसल भीग जाने से भारी नुकसान हुआ है।

यह फसलें हुई बर्बाद

जानकारों की माने तो बेमौसम हुई इस बारसात से फायदा कम नुकसान ज्यादा हुआ हैं। इस बारिश से जहां किसान की खलिहान में रखी फसल भीग जाने से गेहूं के दानों पर असर पड़ेगा तो वहीं गहाई का काम और लेट हो गया हैं। इसके अलावा जिन किसानों की फसलें अभी खेत में खड़ी वह भी तेज हवाओं के चलते पसर गई हैं। जिसके चलते कटाई में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। जो किसान हारर्वेस्टर से गहाई का काम करना चाह रहे थे उनके लिए यह बारिश किसी आफत से कम नहीं हैं। 

आम को भारी नुकसान

तेज हवाओं के कारण आम के फल को भारी नुकसान हुआ हैं। जिन पेड़ों में आम के फल लगे थे वह तेज हवा से पूरी तरह से झड़ गए हैं। 

20 मिनट हुई बारिश

शनिवार की रात तकरीबन 8 बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश का क्रम लगभग 20 मिनट तक जारी रहा। इस दौरान तेज हवा भी चली। जिससे पानी की बौछारे लोगों के घरों में भी घुस गई हैं। घरों के अंदर पानी प्रवेश करने से गहाई की रखी गेहूं की फसलें भी भींग गई हैं। इसके अलावा कई किसानों द्वारा हाल ही गहाई का कार्य किया गया था। दानें को तो किसानों ने घर के अंदर रख लिया था, लेकिन भूसा अभी भी घरों के बाहर ही पड़े। हुई झमाझम बारिश से भूसा पूरी तरह से भीग गया हैं। 

गुल रही बिजली

तेज हवाओं के साथ ही जैसे ही झमाझम बारिश शुरू हुई बिजली भी गुल हो गई। गुल बिजली के कारण लोगों को अंधेरे में भी रात गुजारनी पड़ी। हालांकि बारिश हो जाने से मौसम ठण्ड हो गया था लिहाजा गर्मी से तो लोगों को निजात मिली, लेकिन लोगों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। 

टूटे पड़े

तेज हवाओं के चलते कई पड़े भी धाराशायी हो गए हैं। हवाएं इतनी तेज थी कि कमजोर पड़ों को धाराशायी होने में समय न लगा। पेड़ टूटने से कई जगह आवागमन भी बाधित हुआ हैं। 

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