Bhagwan Parsuram Jayanti 2020 : पूजा विधि, कहानी एवं इन मैसेज से दें शुभकामनाएं

भगवान परशुराम (Bhagwan Parashuram Jayanti) की जयंती हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। लेकिन इस बार भगवान परशुराम की जयंती देशभर में 25 अप्रैल को मनाई जा रही हैं। जबकि 26 अप्रैल को अक्षय तृतीया (Akshya Tritiya) मनाई जाएगी। इसके पीछे विद्वानों का कहना है कि अक्षय तृतीया 25 अप्रैल की सुबह 10.28 बजे से शुरू होकर 26 अप्रैल को 11.12 मिनट तक रहेगी। इस दौरान तृतीया तिथि में प्रदोष होने के कारण अक्षय तृतीया 26 अप्रैल को मनाई जाएगी। ऐसे में चलिए जानते है भगवान परशुराम की स्तुति एवं पूजन विधि साथ ही इन मैसेजों के माध्यम से लोगों को परशुराम भगवान की शुभकामनाएं भी दें। 
Bhagwan Parsuram Jayanti 2020 : पूजा विधि, कहानी एवं इन मैसेज से दें शुभकामनाएं

परशुराम जयंती कथा

भगवान परशुराम जी भगवान विष्णु के छठवें अवतार हैं। धरती में इनके अवतरण को लेकर दो प्रसंग मिलते हैं। हरिवंश पुराण में दी गई जानकारी की माने तो कार्तवीर्य अर्जुन नाम का एक राजा था जो महिष्मती नामक नगरी का राजा था। राजा कार्तवीर्य एवं उसके अन्य सहयोगी क्षत्रिय राजा मिलकर निर्बल जनता पर बिना कारण ही अत्याचार किया करते थे। इनके अनाचार एवं अत्याचार के चलते धरती पर लोगों एवं जीवों का जीवन जीना मुश्किल हो गया था। 
Bhagwan Parsuram Jayanti 2020 : पूजा विधि, कहानी एवं इन मैसेज से दें शुभकामनाएं

इनके अत्याचार से दुखी होकर माता धरती ने भगवान विष्णु से पृथ्वी पर जीवित प्राणियों की क्षत्रिय राजा की कू्ररता से रक्षा के लिए सहायता मांगी। जिस पर भगवान विष्णु ने पृथ्वी माता की सहायतार्थ भगवान परशुराम के रूप में माता रेणुका एवं ऋषि जमदाग्नि के पुत्र के रूप में अवतरण लिया। भगवान परशुराम ने राजा कार्तवीर्य एवं अन्य क्षत्रिय राजाओं का अपने फरसे से वध करके पृथ्वी को उनकी क्रूरता एवं अत्याचार से मुक्त कराया। 

ऐसे करें परशुराम भगवान की पूजा

भगवान परशुराम की पूजा विधि विधान पूर्वक करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। परशुराम जी की पूजा विधि पूर्वक करने के लिए सूर्योदय से पहले किसी तीर्थ स्थान एवं गंगाजल से स्नान करना काफी शुभ माना गया है। स्नान करने के बाद श्वेत वस्त्र धारण करें। तत्पश्चात चंदन, कुमकुम, तुलसी के पत्ते, फूल, मिठाई, फल आदि अर्पण करके पूजन करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से श्रेष्ठ एवं कुल उद्धारक पुत्र की प्राप्ति होती है। उपवास के समय केवल दूध का ही सेवन करना अति उत्तम माना गया है। 

इन मैसेजों से दें शुभकामनाएं

भगवान परशुराम जी की जयंती हर वर्ष बड़े ही उल्लास पूर्वक मनाई जाती हैं। इस पर्व का लोगों को बड़ी ही बेसब्री से इंतजार रहता हैं। इस दिन लोग भगवान परशुराम जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।

श्री जामदग्नेयाय नमः
 अरुण नयन भृकुटी कुटिल,
 चितवत नृपन्ह सकोप।
मनहुँ मत्त गजगन निरखि
सिंह किशोरहिं चोप।।
गौरि शरीर भूति भल भ्राजा।भाल
 विशाल त्रिपुंड बिराजा।।
शीश जटा शशिबदन सुहावा।
रिसवस कछुक अरुण होइ आवा।।
भृकुटि कुटिल नयन रिस राते।
सहजहुं चितवत मनहुँ रिसाते।।
बृषभ कंध उर बाहु विशाला। चारु
जनेउ माल मृगछाला।।
कटि मुनि वसन तूँन दुइ बांधे।
धनु सर कर कुठारु कल कांधे।।
 शांतवेष करनी कठिन बरनि न जाइ सरूप।
धरि मुनि तनु जनु वीर रसु आयउ जहँ सब भूप।।
 भगवान श्रीमन परसुराम की जय।।




Bhagwan Parsuram Jayanti 2020 : पूजा विधि, कहानी एवं इन मैसेज से दें शुभकामनाएं

"क्रोध"आपका ऐसा हुनर है ...
जिसमें "फँसते" भी आप है,
"उलझते" भी आप है, 
"पछताते" भी आप है,
और "पिछड़ते" भी आप है। 
 जय जय श्री परशुराम भगवान्  

परशुराम है प्रतीक प्यार का
राम है प्रतीक सत्य सनातन का
इस प्रकार परशुराम का अर्थ है
पराक्रम के कारक और सत्य के धारक
परशुराम जयंती की हार्दिक बधाई

परशुराम चाप शर कर में राजे,
ब्रह्मसूत्र गल माल विराजे,
मंगलमय शुभ छबि ललाम की,
आरती की श्री परशुराम की!
जय श्री परशुराम

शस्त्र और शास्त्र दोनों ही हैं उपयोगी
यही पाठ सिखा गए हैं हमें योगी
जय श्री परशुराम
परशुराम जयंती की हार्दिक बधाई

आओ सब मनाये परशुराम जयंती
लेकर प्रभु का नाम करे गुणगान
माँगे आशिष परमेश्वर से जप कर उनका नाम
जय परशुराम
हैप्पी परशुराम जयंती
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