कोरोना बीमारी के खिलाफ वैज्ञानिकों के हाथ लगी बड़ी सफलता, 69 दवाओं से मिल सकता है निजात

दुनियाभर में इस समय कोरोना वायरस (Corena Virus) का कहर हैं। इससे निपटने के लिए हर देश के वैज्ञानिक लगे हुए हैं। हाल ही आ रही खबरों की माने तो वैज्ञानिकों के हाथ 69 दवाएं लगी हैं। जिससे कोरोना को मात देने में मदद मिल सकती हैं। 
कोरोना बीमारी के खिलाफ वैज्ञानिकों के हाथ लगी बड़ी सफलता, 69 दवाओं से मिल सकता है निजात

कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर सभी देशों में छाया हुआ हैं। इस वायरस की चपेट में अब तक दुनियाभर के लाखों लोग आ जा चुके हैं और कईयों की मौत हो चुकी हैं। इससे निपटने के लिए देश में इस समय कर्फयू लगाने की अपील की जा रही हैं। जगह पुलिस बल तैनात हैं। लोगों की जांच की जा रही हैं। साथ ही भीड़ न जमा करने की बात भी कही जा रही हैं। 

लोगों से अपील की जा रही है कि अगर जरूरी हो तभी घर से निकले। वह भी पूरी तरह से सुरक्षा के साथ। कोरोना वायरस को लेकर पीएम मोदी ने जनता कफ्र्यू लगाया था। आज रात एक बार फिर पीएम मोदी इस वायरस को लेकर अपनी बात रखने वाले हैं। कोरोना वायरस से बचने के लिए बालीवुड के कई सेलीब्रिटी भी सामने आ चुके हैं। वह देश की जनता से अपील कर चुके हैं कि इससे बचे। यह बीमारी किसी को भी हो सकती हैं। बता दें कि इस बीमारी का अभी तक कोई भी इलाज नहीं हैं।

 सिर्फ सुरक्षा ही इसका बचाव हैं। आ रही खबरों की माने तो इस महामारी से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने 69 दवाओं का मिश्रण तैयार कियाा हैं। जो कोरोना वायरस से लड़ने में काफी प्रभावी होगी। वैज्ञानिकों ने बीते दिनों इसकी जानकारी शेयर की। जिसमें बताया गया है कि इनमें से कुछ दवाओं का इस्तेमाल पहले भी कई अन्य बीमारियों को ठीक करने में किया गया है। उन्हीं दवाओं का मिश्रण तैयार करके हम कोरोना से लड़ने के लिए दवा का इजात कर रहे हैं। वैज्ञानिकों इन दवा का नाम एक वेबसाइट में प्रकाशित किया है। शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस जीन्स का अध्ययन किया हैं।
नए अध्‍ययन में वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के 29 में से 26 जीन्‍स का अध्‍ययन किया जो सीधे तौर पर वायरल प्रोटीन का निर्माण करते हैं। कोरोना की कोशिकाएं वायरल की प्रोटीन बनाती हैं जिससे करोड़ों की संख्‍या में नए वायरस पैदा होते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि 332 इंसानी प्रोटीन पर कोरोना वायरस हमला करता है।  इस नए शोध के बाद अब कोरोना वायरस के इलाज के साइड इफेक्‍ट को कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने 24 ऐसी दवाओं की पहचान की हैं जिसे अब तक कैंसर पार्किंसन और हाइपरटेंशन के इलाज के लिए अब तक दिया जाता रहा है।

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