कोरोना वारयस से लड़ने आगे आए बंग्लादेशी क्रिकेटर, सरकार के राहत कोष में आधी सैलरी देने का लिया निर्णय

इस समय पूरी दुनिया में कोरोना वारयस (Coronavirus) महामारी फैली हैं। इससे निपटने के लिए हर कोई अपने स्तर से प्रयास कर रहा हैं। हर देश की सरकारें कफ्र्यू लगा रखी हैं। साथ ही लोगों से अपील कर रही है कि वह घरों पर ही रहे। किसी से न मिले और न ही हाथ मिलाएं। जरूरी हो तभी घर से बाहर निकले।
कोरोना वारयस से लड़ने आगे आए बंग्लादेशी क्रिकेटर, सरकार के राहत कोष में आधी सैलरी देने का लिया निर्णय

 कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश के पीएम मोदी जी ने 21 दिन बंद की घोषणा की हैं। आ रही खबरों की माने तो कोरोना महामारी से निपटने के लिए बंग्लादेश के 27 खिलाड़ी सामने आए हैं। ये सभी खिलाड़ी अपनी महीने की आधी सैलरी सरकार के राहत कोष में जमा करने का निर्णय लिया हैं। इनके इस निर्णय की चहु ओर प्रशंसा हो रही हैं। बंग्लादेश के इन 27 खिलाड़ियों में से 17 खिलाड़ियों का बोर्ड से सालाना करार हैं।


 जबकि शेष 10 खिलाड़ी बंग्लादेश का प्रतिनिधित्व किया हैं। बंग्लादेश के खिलाड़ियों के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा सभी लोग कर रहे हैं। चल रही खबरों की माने तो खिलाड़ियों द्वारा दी गई रकम राशि लगभग 25 लाख हो रही हैं। इस राशि में टैक्स कट कर दिया गया हैं। यह फैसला लेते हुए खिलाड़ियों ने कहा है कि यह राशि भले ही कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पर्याप्त न हो, लेकिन अगर हम सब मिलकर थोड़ा-थोड़ा प्रयास करें तो इस जंग को हम जल्द जीत लेंगे। 

बंग्लादेशी क्रिकेटरों के इस कदम की प्रशंसा के बाद लोगों की निगाहे अब भारतीय क्रिकेटरों पर भी टिकी हुई हैं। कोरोना वायरस को लेकर भारतीय खिलाड़ी सोशल मीडिया में अपने फैंस को सुरक्षित रहने की बात जरूर कह रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार से आर्थिक मदद को लेकर आगे नहीं आए हैं। 

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां