प्रजा पिता ब्रम्हकुमारी ने मनाया शिव जयंती का कार्यक्रम

सीधी। प्रजापिता बह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सीधी के मुख्य सेवा केन्द्र दिव्य ज्योति धाम, स्टेडियम के उत्तर दिशा के सेवा केन्द पर एक बहुत ही भव्य दिव्य ध्वजारोहण के साथ-साथ महाशिवरात्रि महोत्सव मनाया गया। महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व, महा अर्थाथ अज्ञान की रात्रि और जयन्ती अर्थाथ जन्मदिवस। परमात्मा शिव तब आते हैं जब रात बहुत घनी हो जाती है।
प्रजा पिता ब्रम्हकुमारी ने मनाया शिव जयंती का कार्यक्रम

 परम-आत्मा का नाम है शिव, जिसका अर्थ है सदा कल्याणकारी, अर्थात वो जो सभी का कल्याण करते है। शिवरात्रि व शिवजयन्ती भारत में द्वापुरयुग से मनाई जाती है। यह दिन हम ईश्वर के इस धरा पर अवतरण के समय की याद में मनाते हैं।

शिव के साथ रात शब्द इसलिए जुड़ा है क्योकि वो अज्ञान की अँधेरी रात में आते हैं। जब सारा संसार अज्ञान रात्रि में रहता है, जब सभी आत्माएं 5 विकारो के प्रभाव से पतित हो जाती हैं, जब पवित्रता और शान्ति का सत्य धर्म व स्वयम् की आत्मिक पहचान हम भूल जाते है। सिर्फ ऐसे समय पर, हमे जगाने, समस्त मानवता के उत्थान व सम्पूर्ण विश्व में फिर से शान्ति, पवित्रता और प्रेम का सत-धर्म स्थापित करने परमात्मा एक साधारण शरीर में प्रवेश करते हैं। 

उद्घाटन सत्र में डॉ विपिन शर्मा, ओजस्वी प्रेरणा देते हुए कहा कि हम और आप सभी बड़े भाग्यशाली आत्माएॅ है, जो इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर शिवबाबा की ज्ञान अमृतवाणी सुनकर अपने भाग्य को धन-धान्य किया। और कार्यक्रम में विनोद मिश्रा, पूर्व सदस्य, जिला संयोजक समिति सीधी अपने व्यक्तव्य दिया कि समाज में सभी व्यक्तियों के विचार शिवबाबा के प्रति गहन प्रेम और श्रद्धा की भावना और अपने जीवन को प्रवित्रता एवं शान्ति बनाये रखना चाहिए। 

सेवाकेन्द्र की संचालिका बी.के. रेखा दीदी ने माउण्ट बाबू में रहकर सीधी में सभी भाई एवं बहनो को शिवरात्रि के विषय में विशेष पालना देते हुए सभी को आर्शीवचन स्वरूप शुभ आर्शीवाद दिया। बी.के. रानी बहन जी सभी भाई एवं बहनो के साथ मिलकर ध्वजारोहण कार्यक्रम को सफल बनाया, साथ में सभी भाई एवं बहनो को ब्रम्ह्मा भोजन कराया गया। कार्यक्रम सफल बनाने में सभी नियमित ईश्वरीय विद्यार्थियों एवं भाई बहनो का सहयोग रहा। 

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