गैस रिसाव से गर्ल हाॅस्टल में मची अफरा-तफरी

रीवा । बीते 24 घंटे के अंतराल में सिलेंडर से होने वाले गैस रिसाव के चलते दो बड़ी घटनाएं घटी हैं। तरहटी मोहल्ले में सिलेंडर के गैस से भडकी आग ने तबाही मचाते हुए एक ही परिवार के 4 लोगों को जिंदा जला दिया था। वहीं सोमवार की देर रात लगभग 11 बजे अमहिया थाना अंतर्गत पीटीएस चौराहे में संचालित संस्कृति गर्ल्स हॉस्टल के रसोईघर में सिलेंडर से भड़की आग ने हॉस्टल में रह रही छात्राओं में खलबली मचा दी। रात में हॉस्टल की रसोईया छात्राओं के लिए खाना आदि तैयार करने में लगी हुई थी। 
गैस रिसाव से गर्ल हाॅस्टल में मची अफरा-तफरी

इसी बीच सिलेंडर से हुए गैस रिसाव के चलते आग भड़क गई। रसोईया की नजर जैसे ही जल रहें सिलेंडर पर पड़ी तो वह शोर मचाती हुई बाहर की ओर भाग गई। आग लगने की जानकारी छात्राओं को लगी तो भगदड़ मच गई। रसोईघर में लगी हुई आग और सिलेंडर फटने की आशंका के चलते हॉस्टल में खलबली मच गई। सुरक्षाकर्मी सहित अन्य स्टाफ पहुंच गया तथा हॉस्टल में लगे हुए फायर सिस्टम का उपयोग करके सिलेंडर में लगी हुई आग को बुझाया। सिलेंडर को आनन-फानन में बाहर निकाला गया। हॉस्टल कर्मचारियों की जागरूकता के चलते एक बड़ी घटना होने से बच गई। सिलेंडर में लगी आग अगर फैलती और सिलेंडर फट जाता तो पूरा छात्रावास प्रभावित हो सकता था। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना को लेकर जांच की और जांच के बाद सभी ने राहत की सांस ली। वही हॉस्टल में रह रही छात्राओं ने उस समय राहत महसूस किया जब किचन से सिलेंडर की आग बुझाकर उसे सुरक्षाकर्मी बाहर ले गए।

24 घंटे में दूसरी बड़ी घटना

शहर में सिलेंडर से आग लगने की 24 घंटे के अंतराल में दूसरी बड़ी घटना घटी। रविवार की आधी रात को सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत तरहटी में खटीक परिवार को आग ने पूरी तरह से समाप्त कर दिया और आग लगने के कारण पति पत्नी सहित उनके पुत्र और पुत्री जलकर जिंदा जल गए। सिलेंडर से गैस रिसाव होने के कारण बिजली का उपकरण चालू करते ही कमरे में आग फैल गई थी। सिलेंडर फटने व रेफ्रिजरेटर के सिलेंडर में ब्लास्ट होने से पूरा घर आग की जद में आ गया। घर के अंदर आग में फंसने के कारण 4 लोग जिंदा जल गए। इस घटना से न सिर्फ तरहटी मोहल्ला के लोग दहशतजदा रहे बल्कि शहर के लोगों में घटी घटना को लेकर चर्चा रही।

सिलेंडर की जांच में होती है लापरवाही

सिलेंडर में गैस रिसाव होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं को सिलेंडर का वितरण करने के समय गैस रिसाव को लेकर जांच पड़ताल नहीं की जा रही है। शायद यही वजह है कि लगातार सिलेंडर से आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

2 वर्ष में होनी चाहिए सिलेंडर की जांच

गैस एजेंसियों द्वारा प्रति 2 वर्ष में जांच की जानी चाहिए। वहीं गैस वितरण के समय सिलेंडर की बराबर जांच की जानी चाहिए लेकिन इसमें लापरवाही की जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलेंडर की जांच करना तो दूर गैस एजेंसियां होम डिलीवरी भी नहीं करती हैं और घर में सिलेंडर पहुंचाने पर उपभोक्ताओं से पैसे की जमकर वसूली भी की जाती है।

हॉस्टल के रसोईघर में गैस सिलेंडर से आग भड़की थी। फायर सिस्टम से समय रहते आग को बुझा दिया गया जिससे हॉस्टल में किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।

-शिवा अग्रवाल, थाना प्रभारी अमहिया।

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