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कांग्रेस के मंत्री अब तक कितने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में पहुंचे: शिवराज

How many flooded Congress ministers have reached the area so far: Shivraj : प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने मंगलवार को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों के दौरा में निकलने से पहले कांग्रेस के मंत्रियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कई जिला बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन कांग्रेस हमें बताएं कि उनके मंत्री अब तक कितने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों पर पहुंचे हैं।
कांग्रेस के मंत्री अब तक कितने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में पहुंचे: शिवराज


 कितने क्षेत्रों का अब तक नुकसानी का आंकलन किया गया हैं। शिवराज ने कहा कि प्रदेश सरकार अब तक राहत राशि के लिए कितने पत्र केन्द्र सरकार को लिखा है। अगर केन्द्र बजट भी मुझे ही मांगना है तो फिर कुर्सी पर मुख्यमंत्री कुर्सी पर क्यों बैठे है।

इन मंत्रियों ने शिवराल पर लगाए थे आरोप

बताते चले कि हाल में प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों ने शिवराज सिंह सरकार पर कई तरह के आरोप लगाए थे। प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने शिवराज सिंह पर आरोप लगाए कि श्री चैहान प्रदेश की जनता के साथ राजनीति कर रहे हैं। श्री चैहान के षड़यंत्र के कारण ही केन्द्र सरकार 14वें वित्त की तय राशि 10 हजार करोड़ नहीं दी गई है। अगर वे प्रदेश की जनता का भला चाहते हैं तो 10 हजार करोड़ की राशि केन्द्र सरकार से प्रदेश को दिलवाएं और प्रदेश में प्रधानमंत्री का जन्मदिन सेवा दिवस के रूप में मनाएं। 

ऐसे प्रदेश के गृह मं़त्री बाला बच्चन ने शिवराज पर आरोप लगाते हुए कहा था कि शिवराज सिंह के इशारे पर प्रदेश के जनता को केन्द्र सरकार द्वारा अभी तक फसल बीमा राशि योजना का कोई लाभ नहीं दिया गया है और श्री चैहान के इशारे पर केन्द्र सरकार ने फसल बीमा राशि योजना में भी कटौती की है। 

शिवराज ने बाढ़ पर प्रदेश सरकार को ठहराया जिम्मेदार

श्री चैहान ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश में आई बाढ़ का जिम्मेदार प्रदेश सरकार है। उन्होंने कहा कि अगर गांधी सागर बांध डैम में क्षमता से अधिक जल भराव नहीं किया जाता तो मंदसौर और नीमच में आई बाढ़ जैसी स्थिति  निर्मित नहीं हुई होती। उन्होंने कहा कि अगस्त और सितम्बर  माह में आई बाढ़ क्षमता से ज्यादा जल भराव के कारण है। इस पर प्रदेश सरकार सोती रही। अगर इस बांध के समय पर गेट खोले जाते तो यह स्थिति निर्मित न हुई होती। 

श्री चैहान ने श्वेत पत्र जारी करने का हवाला देते हुए कहा कि सरकार बताए कि जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह में बांध में कितना पानी भरना चाहिए और कितना भरा गया है। आगे श्री सिंह ने कहा कि इस लापरवाही पर दोषियों के उपर कार्रवाई होनी चाहिए। 

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