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5 हजार रूपए की रिश्वत लेते ननि कर्मी ट्रेप

रीवा। बुधवार को लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर लोकायुक्त टीम द्वारा ननि में दबिस दी। लोकायुक्त की टीम देख वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी के हाथ पांव फूल गये। टीम योजना शाखा में जाकर सीधी भ्रष्टाचारी लिपिक सचिन सिंह को धर दबोची। इतना ही नहीं उसके दलाल को भी अपने शिकंजे में लिया। आरोपी से घूंस के 5 हजार रुपये लोकायुक्त बरामद कर जब्त कर लिये। बताया गया कि आरोपी योजना शाखा का लिपिक सचिन सिंह शासन की विवाह योजना में मिलने वाले 51 हजार रुपये की राशि स्वीकृत करने 10 हजार रुपये की मांग निपनिया निवासी दुर्गेश सोंधिया से की थी। 

दुर्गेश सोंधिया के बहन की शादी 8 जुलाई को हुई थी। गरीबी रेखा वालों को शासन से शादी के लिए 51 हजार रुपये दिये जाने की योजना है। फरियादी अपनी बहन की शादी के लिए शासन की योजना के तहत मिलने वाली राशि दिये जाने आवेदन किया था। लेकिन आरोपी दुर्गेश सोंधिया से राशि स्वीकृत करने 10 हजार रुपये दिये जाने की जिद में अड़ा हुआ था। बताया  गया कि दुर्गेश ने किसी से कर्ज लेकर पांच हजार रुपये दिये और न दे पाने के लिए हाथ पैर भी जोड़े। लेकिन उसको रहम नहीं आया, पांच हजार रुपये लेने के बाद भी राशि स्वीकृत नहीं की। फरियादी ने कर्ज लेकर किसी कदर अपनी बहन की शादी की और कर्ज अदा करने फिर से ननि के चक्कर काटने लगा। लेकिन उसका दिल नहीं पसीजा और पंाच हजार रुपये के लिए अड़ा हुआ था। पीडि़त के सामने लोकायुक्त का दरवाजा दिखाई दिया और 29 जुलाई को आकर लोकायुक्त कार्यालय में आरोपी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाई। एसपी के नेतृत्व में टीम गठित कर बुधवार को आरोपी को पकडऩे जाल बिछाया गया। आरोपी इतना शातिर था कि रिश्वत के रुपये अपने हाथ में न लेकर फरियादी को ननि समीप स्थित पान ठेले के संचालक रमेश कुमार तिवारी के हाथों रुपये देने को कहा। पीडि़त रमेश तिवारी को पैसे देने के बाद रीडर को बताया। उचित स्थान पर पैसा पहुंचने के बाद रीडर स्वंय ही रुपये लेने पान ठेला पहुंचा तो लोकायुक्त टीम ने दबोच लिया। आरोपी रीडर के विरुद्ध लोकायुक्त ने प्रकरण पंजीबद्ध कर नोट जब्त कर लिये।

रिश्वतखोर रीडर को चार साल की सजा, 10 हजार जुर्माना

शहडोल जिले के ब्यौहारी तहसील में पदस्थ घूंसखोर रीडर को न्यायालय ने चार साल की सजा के साथ दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी द्वारा राजस्व रिकार्ड में वारिसाना दर्ज करने के लिए फरियादी से 6 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी रीडर महिपाल पटेल को बुधवार के दिन न्यायालय ने सजा सुनाई। आरोपी के विरुद्ध फरियादी सत्य नारायण गुप्ता निवासी ब्यौहारी ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिस पर लोकायुक्त ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ कर प्रकरण क्रमांक 1/15 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (1) डी, 13 (2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया था। उक्त प्रकरण की सुनवाई में आरोपी को दोषी पाते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई। 

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