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अगले महीने होगा अधिवक्ता संघ का चुनाव, अगले महीने होगा अधिवक्ता संघ का चुनाव

रीवा। अधिवक्ता संघ के चुनाव की गहमा-गहमी आने वाले कुछ दिनों के भीतर ही दिखाई देने लगेगी। सितम्बर माह के द्वितीय या तृतीय सप्ताह में अधिवक्ता संघ के निर्वाचन का कार्यक्रम निर्धारित होना लगभग तय है। इसी क्रम में अगले दिसम्बर माह में राज्य अधिवक्ता परिषद का भी निर्वाचन कार्यक्रम होगा। इन चुनावों को लेकर जिले के अधिवक्ताओं में एक बार फिर उत्सुकता एवं राजनैतिक सरगर्मियां बढऩे लगी हैं। 

उल्लेखनीय है कि अधिवक्ता संघ का कार्यकाल बीते अप्रैल माह में ही समाप्त हो चुका है। लेकिन टलते-टलते अब सितम्बर में होना सौ फीसदी तय है। राज्य अधिवक्ता परिषद द्वारा भी चुनावों के लिये हरी झण्डी दे दी गई है। इस क्रम में बताया गया है कि सितम्बर में जिला अधिवक्ता संघ रीवा का चुनाव होगा वहीं दिसम्बर में राज्य अधिवक्ता परिषद का। इस बीच सूत्रों ने बताया है कि राज्य अधिवक्ता परिषद की सूची में रीवा से 2417 सदस्य के रूप में मतदाता सूची में शामिल है। वहीं पूरे रीवा जिले से लगभग 4 हजार मेम्बर हैं। 

इस मामले में यह भी बताया गया है कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में है उनमें से लगभग एक हजार ने संघ की निर्धारित सदस्यता फीस ही नहीं जमा की है। इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि जो सदस्य फीस नहीं जमा करेगा वह मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पायेगा। हालांकि नियमों के सरलीकरण के तहत स्थानीय अधिवक्ता संघ की मतदाता सूची जारी होने के पहले यह राशि जमा करना अनिवार्य है। उधर रीवा के अधिवक्ताओं में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि कार्यकाल पूरा होना चाहिये लेकिन किसी को भी अतिरिक्त समय क्यों मिलता है। अधिवक्ताओं का मानना है कि जब कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होना था तो उसके पूर्व चुनाव हो जाना चाहिये। वहीं अधिवक्ताओं का दूसरा पक्ष यह दलील देता है कि पहले विधानसभा चुनाव हो रहे थे वहीं उसके बाद लोकसभा चुनाव का क्रम संचालित हो गया। इसकी वजह से यह चुनाव कार्यक्रम बिलंबित हो गया। अलबत्ता अब अगले महीने चुनाव होना पक्का हो गया है। 

कौन-कौन होंगे दावेदार 

रीवा के अधिवक्ता संघ का चुनाव हमेशा से काफी दिलचस्प रहा है। पिछले दो कार्यकालों से राजेन्द्र पाण्डेय लगातार अध्यक्ष चुने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि वे एक बार फिर अपनी दावेदारी प्रस्तुत करेंगे। वहीं समाजवादी नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेन्द्र सिंह भी मैदान में होंगे। पूर्व में वे एक बार अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसी क्रम में बताया गया है कि भाजपा नेता और अधिवक्ता राजभान सिंह पटेल, बृजेन्द्र प्रताप सिंह व जय सिंह भी अपनी दावेदारी ठोंकेगे। 

राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष शिवेन्द्र उपाध्याय की किस्मत दांव पर

प्रदेश के नामी-गिरामी वकीलों में सुमार शिवेन्द्र उपाध्याय फिलहाल राज्य अधिवक्ता परिषद का सदस्य होने के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। परिषद के इतिहास में सबसे ज्यादा बार प्रदेश अध्यक्ष होने का गौरव रामेश्वर नीखरा को प्राप्त है। वहीं रामेश्वर नीखरा को पदच्युत कर शिवेन्द्र उपाध्याय प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। एक बार फिर वे राज्य अधिवक्ता परिषद की कार्यकारिणी में शामिल होने के लिये   चुनाव लड़ेंगे, ऐसा माना जा रहा है। यहां यह उल्लेखनीय है कि रीवा से राज्य अधिवक्ता परिषद के सदस्य के रूप में घनश्याम सिंह, सुशील तिवारी भी चुने जा चुके हैं। वहीं तेज-तर्रार वकील अखंड प्रताप सिंह भी एक बार सदस्य के रूप में नामित हो चुके हैं और पुन: उनका भी मैदान में आना लगभग तय सा है। 

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