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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति के लिए 20 हजार की रिश्वत लेते स्टेनो ट्रेप

रीवा। महिला बाल विकास विभाग  में टाइपिस्ट स्टेनो डीएन उर्फ दीप नारायण पटेल रिश्वत के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों ट्रेप किया है। स्टेनों द्वारा कुसमी विकासखण्ड के ग्राम गोतरा की एक गरीब प्रजापति की पतोहू का आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के नियुक्ति की फाइल डीएन पटेल के पास पहुंची और उक्त फाइल में करीबन पच्चीस आवेदन आंगनबाडी कार्यकर्ता हेतु प्रस्तुत किये गये। जिसमें पात्र प्रमिला प्रजापति पति राजेश प्रजापति का नाम मैरिट सूची में था। लेकिन स्टेनो डीएन पटेल ने मैरिट सूची के दूसरे नम्बर की शकुन्तला विश्वकर्मा पति शिवमूरत विश्वकर्मा निवासी गोतरा से सम्पर्क कर उसे फर्जी अनुभव बनवाने की सलाह दी और डीएन के सलाह पर शकुन्तला विश्वकर्मा का पति शिव शिक्षा समिति चुरहट से अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी बनवाकर आवेदन में नत्थी करवा लिया। 

जब प्रमिला के ससुर महिला बाल विकास विभाग के स्टेनो डीएन पटेल से सम्पर्क किया तो उन्होने कहा कि आपकी बहू की नियुक्ति नही हो सकती है। शकुन्तला विश्वकर्मा को अनुभव का प्रमाण पत्र लगा हुआ है उसे दस नम्बर और मिल जायेगा, प्रमिला का ससुर रमोले प्रजापति को अंधेरा दिखने लगा और डीएन पटेल के झांसे में आ गया और डीएन पटेल के द्वारा मांगी गई रिश्वत के नाम पर एक लाख रूपये की मांग की गयी। लेकिन रमोले प्रजापति बहुत गरीब परिवार का होने के कारण उसकी हिम्मत हट गयी और गिडगिडाने लगा और तीस हजार रूपये तक देने की बात कही गयी। डीएन पटेल घूंस के नाम पर दस हजार 21 जुलाई को रमोले प्रजापति से ले लिया और बीस हजार रूपये 30 जुलाई को देने का वादा किया और ग्राम दुधमनियॉ निवासी सालो के पास गया जो कि राममिलन और रामलखन से दस-दस हजार रूपये लेने के बाद डीएन पटेल को कलेक्ट्रेट कार्यालय में देने गया जहां डीएन पटेल ने कहा कि जिला पंचायत के पास मिलो और जब बीस हजार रूपये घूंस के नाम पर पुन: प्रमोले प्रजापति ने दिया ही था कि पूर्व से सुनियोजित लोकायुक्त् पुलिस रीवा ने रंगे हाथ डीएन पटेल को धरदबोचे । महिला बाल विकास विभाग में तीन-चार घण्टे चली फाइलो की जांचोपरांत डीएन पटेल के कारनामों का पुलिंदा एकत्रित कर मामला पंजीबद्ध लोकायुक्त पुलिस द्वारा कर गिरफ्तारी की गई। कार्यवाही के दौरान लोकायुक्त निरीक्षक विद्यावारिधि तिवारी , अरविन्द तिवारी प्रधान आरक्षक विपित त्रिवेदी, आरक्षक शैलेन्द्र मिश्रा , अजय पाण्डेय, मुकेश मिश्रा , लवकेश पाण्डेय आदि का योगदान सराहनीय रहा। 

मेरे साथ की धोखाधड़ी

रमोले प्रजापति पिता बैजनाथ प्रजापति उम्र 40 वर्ष निवासी गोतरा ने मीडिया कर्मियो को बताया कि आंगनबाडी कार्यकर्ता का आवेदन मेरी पतोहू प्रमिला द्वारा किया गया था और मैरिट की सूची में पहला नम्बर था उसके बावजूद भी डीएन पटेल स्टेनो ने मेरे साथ धोखाधडी कर शकुन्तला विश्वकर्मा को आंगनबाडी कार्यकर्ता की नियुक्ति का झांसा दे रहे थे। और मुझसे एक लाख रूपये की मांग की लेकिन मेरी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नही थी घटते-घटते तीस हजार रूपये तक में मान गये। किसी तरह दस हजार रूपये पहली बार दिया और ससुराल के सालो से कर्ज लाकर बीस हजार रूपये देने के पूर्व लोकायुक्त पुलिस रीवा को शिकायत आवेदन देते हुए अवगत कराया गया जो लोकायुक्त पुलिस के निर्धारित तारीख के अनुसार बीस हजार रूपये डीएन पटेल को दिया जो रंगेहाथ गिरफ्तार हो गये है। उक्त मामला वर्ष 2018 का है। 

हमें फंसया गया है: डीएन 

महिला बाल विकास विभाग में पदस्थ टाईपिस्ट स्टेनो डीएन पटेल ने मुर्झाए चेहरे पर बयान देते हुए कहा कि मुझे विभाग द्वारा ही फंसाया गया है। जबकि मै रमोले प्रजापति से लेन देन की बात नही की थी उसका आवेदन प्राप्त होने पर मैरिट सूची में पहला नाम था जो परियोजना एवं  जिला पंचायत सीईओ द्वारा अनुमोदन कर दिया गया था। अपने हसी-खुशी से जिला पंचायत के पास रमोले प्रजापति मिला और मेरे जेब में कुछ पैसा डाल दिया मैने नही देखा कि कितना था और उसी दौरान कुछ लोगो ने मुझे पकड लिया और कहा कि निकालो रिश्वत लियो हो मै समझ नही पाया कि लोकायुक्त पुलिस ने धरदबोचा है। मुझे साजिश के तहत विभाग के कथित बाबुओं के इशारे पर रमोले ने मुझे फंसा दिया। 

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