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सीएमओ मऊगंज पर गिरी निलबंन की गाज

रीवा। शासन के साथ फर्जीवाड़ा करना सीएमओ को मंहगा पड़ गया। मंगलवार के दिन म.प्र. शासन नगरीय विकास एंव आवास विभाग भोपाल के आदेश क्रमांक एफ-4-54/ 2019/18-1 में उनके निलबंन का आदेश आ गया। इतना ही नहीं शासन ने कूट रचित तरीके से बने सीएमओ हरिमित्र श्रीवास्तव पर एफआईआर दर्ज किये जाने की भी चेतवानी दी है। कथित सीएमओं को बेनकाब करने में नगर परिषद मऊगंज के उपाध्यक्ष एंव कांग्रेस के प्रदेश प्रतिनिधि अब्दुल कयूम सिद्दीकी की भूमिका रही।
 जिनकी आवाज विंध्य भारत अखबार ने उठाई थी। नतीजन कथित सीएमओ मऊगंज हरिमित्र श्रीवास्तव अवैधानिक के साथ ही अपराधिक आचरण की श्रेणी में पाते हुए तत्काल प्रभाव से निलबिंत कर दिया। गौरतलब है कि हरिमित्र श्रीवास्तव कूट रचित आदेश एंव सेवा पुस्तिका में फेरबदल कर राजस्व अधिकारी का वेतनमान प्राप्त कर रहे थे। जबकि उनकी नियुक्ति नगर पालिका रीवा में सहायक शिक्षक के पद पर हुई थी। किंतु नगर पालिका निगम कटनी में पदस्थापना के दौरान मूल नियुक्ति सहायक शिक्षक के पद के स्थान पर कूट रचिल अभिलेख के आधार पर सहायक राजस्व अधिकारी का वेतन उठाते थे। शासन को अंधेर में रख कर सहायक राजस्व अधिकारी से वह मऊगंज सीएमओ बन बैठे।

सहायक शिक्षक की नियुक्ति में भी किया फर्जीवाड़ा

हरिमित्र श्रीवास्तव की सहायक शिक्षक की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा गया। बताया गया कि 1996 में हरिमित्र श्रीवास्तव को तत्कालीन आयुक्त ने दो वर्ष के लिए अस्थाई रुप से प्रोवशन पीरियड पर रखा गया था। जबकि उनके पास न तो बीएड की डिग्री थी और न ही बीटीआई की योग्यता थी। उसके बावजूद भी सहायक शिक्षक की नियुक्ति किया जाना संदेह के परे है।

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