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टीआरएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रामलला पर एससी, एसटी का मामला दर्ज

रीवा। जिले के उत्कृष्ठ महाविद्यालय टीआरएस कॉलेज को अपराधियों की जन्मस्थली कहा जाये तो अतिशियोक्ति नहीं होगी। असलहों की तस्करी से लेकर हत्या एंव हत्या के प्रयास तक की वारदातों की शुरुआत टीआरएस कॉलेज से होती है। नशे का प्रचलन भी छात्र यहीं से सीखते हैं। अपने ही छाया तले बिगड़ रहे छात्रों के भविष्य को लेकर स्वंय शहीद ठाकुर रणमत सिंह की भी आत्मा क्या कहती होगी? अभी तक शहीद ठाकुर रणमत सिंह उत्कृष्ठ महाविद्यालय के छात्रों के विरुद्ध थानों में अपराध दर्ज होते थे। लेकिन हाल ही में जो सामने आया वह जरुर आश्चर्य जनक साबित हो रहा।
टीआरएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रामलला पर एससी, एसटी का मामला दर्ज

 पूर्व प्राचार्य रामलला शुक्ला के विरुद्ध मारपीट सहित हरिजन एक्ट का अपराध सिविल लाइन थाना में दर्ज किया गया। ये अलग बात है कि पुलिस पूर्व प्राचार्य की गिरफ्तारी करने में मुंह चुराते हुए मामले को जांच में लेना बता रहे हैं। लेकिन पुलिस की इस प्रकार की हीलाहवाली से वह खुद संदेह के घेरे में आ रही है। आम नागरिक पर यदि एसीएसटी का मामला दर्ज होता तो पुलिस उसे कब्र से भी खोद कर गिरफ्तार करने का प्रयास करती है और करती भी है। उस प्रकरण में पुलिस मामले को जांच में होना नहीं बताती। लेकिन पूर्व प्राचार्य की गिरफ्तारी न होना पुलिस का दोहरा चेहरा प्रदर्शित कर रही है। मामला 9 जुलाई का है टीआरएस कॉलेज के बीए का छात्र रामबदन साकेत पुत्र स्व. वंशराखन साकेत 26 वर्ष निवासी रिमारी थाना बैकुंठपुर की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने कॉलेज के पूर्व प्राचार्य रामलला शुक्ला के विरुद्ध अपराध क्रमांक 569 धारा 294, 323, 3(1)(द), 3 (1)(ध), 3 (2)(वीए) पंजीबद्ध कर लिया है। 

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करना पड़ा मंहगा

छात्र रामबदन साकेत को कॉलेज के विरुद्ध सीएम हेल्पलाइन में शिकायत किये जाने पर पूर्व प्राचार्य रामलाल शुक्ला द्वारा मारपीट की गई और जातिसूचक गाली दी, ऐसा आरोप छात्र ने लगाया है। बताया कि वह बीए छठवें सेमस्टर का परीक्षा दिया। जिसका कालेज की बेवासाइड पर परीक्षा परिणाम देखने पर उत्तीर्ण बताया। जिसकी प्रति निकाल कर छात्र बीएड में प्रवेश लेना चाहता था। वेवासाइड द्वारा निकले अंकसूची को सत्यापित करने के लिए कॉलेज का चक्कर काटता रहा। लेकिन प्राचार्य ने उसकी अंकसूची को सत्यापित नहीं किया। मजबूरन छात्र को प्राचार्य के विरुद्ध सीएम हेल्प लाइन में शिकायत करनी पड़ी। बताया किया जब वह अपनी ओरिजनल अंकसूची लेने कॉलेज गया तो उप नियत्रंक संजय सिंह ने बताया कि भूगोल विषय में 6 अंक से फेल हो। जिसकी पूरक परीक्षा देनी होगी। जब उसने वेवसाइड वाला अंकसूची प्राचार्य को दिखाया तो वह उसे फर्जी अंकसूची साबित करते हुए मारपीट कर जातिसूचक गाली दी। घटना की शिकायत पीडि़त छात्र ने सिविल लाइन थाना में दर्ज करवाई। पुलिस ने प्राचार्य के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर मामले को जांच में ले लिया है। पुलिस के अनुसार जांच के बाद ही सच्चाई सामने निकल कर आयेगी।

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