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एजेंट की मौत, आरटीओ पर आरोप

रीवा। आरटीओ मनीष त्रिपाठी से जब से रीवा में पदस्थ हुए आरोपों से ही उनके दिन गुजर रहे। रीवा के कथित राजनीतिज्ञ उन पर कोई न कोई आरोप लगा कर मुसीबत खड़ी कर देते हैं। आखिर वजह क्या है जो लोगो के टारगेट में आरटीओ रहते है, ये तो सोच का विषय है। फिलहाल मंगलवार को भी उन पर एजेंट की मौत पर मानसिक रुप से प्रताडि़त किये जाने का आरोप लगाया गया है। सच्चाई क्या है यह तो जांच के बाद ही सामने आयेगी। लेकिन जहां एक ओर मृतक के परिजनों ने आरटीओ पर आरोप लगाया है वहीं दूसरी ओर आरटीओ ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाही की भी मांग की है। मामला इंदिरा नगर निवासी रवि उर्फ शास्त्री दुबे 30 पुत्र रामविलास दुबे का है। रामविलास दुबे पुलिस विभाग में जिले के बाहर एएसआई के पद पर पदस्थ है। उनका पुत्र रवि दुबे आरटीओ कार्यालय में एजेंट का काम करता था। मंगलवार की अलसुबह उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए संजय गांधी लाया गया जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पीएम करवा कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया और घटना को जांच में ले लिया है। प्रथम दृष्टया डॉक्टर ने बताया कि गिरने के कारण हेड इन्जूरी से युवक की मौत हुई है। विस्तृत जानकारी पीएम रिपोर्ट पर ही मिलेगी।

मौत का जिम्मेदार परिवहन अधिकारी

रवि की मौत की खबर आते ही सीधी आरोप परिवहन अधिकारी मनीष त्रिपाठी पर लगा। आरोप था कि आरटीओ द्वारा रवि पर जबरन पैसा दिये जाने का दबाव बनाया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया किया रवि काम के सिलसिले में सतना गया था परंतु आरटीओ मनीष त्रिपाठी ने उसे सतना में भी काम नहीं करने दिया। आरटीओ पर लगाया गया आरोप सुबह से सोशल मीडिया पर चलता रहा। साथ ही परिजनों के बयान भी दिखाये जा रहे थे। 

कलेक्ट, एसपी को लिखा पत्र, हो कार्रवाही

सोशल मीडिया में खबर चलते ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनीष त्रिपाठी ने कलेक्टर, एसपी सहित कोतवाली प्रभारी को पत्र लिख कर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाही किये जाने की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया है कि व्हाटसएप के माध्यम से निराधार एंव झूठा संदेश फैलाया जा रहा है। कुछ शरारती तत्वों द्वारा उनकी छवि धूमिल करने और मानसिक रुप से प्रताडि़त किये जाने के लिए किया जा रहा है। जिससे उनकी मानहानि हुई है और मानसिक रुप से आहत हुआ हूं। अफवाह फैलाने वालो पर कार्रवाही किये जाने की मांग आरटीओ ने की है।
इनका कहना...
विवेचक मौके पर गया था। लौट कर बताया कि परिजनों के अनुसार रात लगभग दो बजे रवि बाथरुम के लिए उठा था। वहीं गिरने से गंभीर चोट आई, जिसे उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया तो वहां उपचार के दौरान मौत हो गई।  वहीं मृतक के सीधी निवासी ससुर से भी बातें हुई उन्होंने भी कोई आरोप नहीं लगाया केवल गिरने से हादसा बताया। मर्ग कायम कर मामले को जांच में ले लिया गया है।
इनका कहना...
एक माह से ज्यादा समय हो गया। मेरी रवि से कोई बात ही नहीं हुई  और न ही मुलाकात। रवि का कॉल डिटेल देख लिया जाये जो मेरी उससे कोई बात हुई हो। झूठा अफवाह फैला कर मानहानि करने एंव मानसिक तनाव देने वालों के विरुद्ध कार्रवाही किये जाने संबंधी कलेक्टर, एसपी और थाना प्रभारी को पत्र लिया है। 
मनीष त्रिपाठी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी

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