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सोलर पावर प्लांट में पानी घुसा, मची तबाही

 रीवा। बड़ी मुश्किल से जिले में बारिश का दौर शुरू हुआ है। वहीं पहली बारिश ही लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। नगर पालिका निगम क्षेत्र में जहां विभिन्न मोहल्लों में नालियां गायब हो गई और सड़कें नालों का रूप धारण कर चुकी है वहीं एशिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट में भी पानी घुसने से काफी नुकसान हो गया है। एक ओर जहां नगर निगम का अमला जेसीबी लिए मोहल्ले-मोहल्ले घूम रहा है वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक अमला सोलर पावर प्लांट में पानी भराव को लेकर तनाव में रहा। यहां भी जेसीबी मशीन भेजकर कुछ हद तक व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। सूत्र बताते हैं कि तीनों यूनिट का काफी नुकसान हुआ है। 
सोलर पावर प्लांट में पानी घुसा, मची तबाही

उल्लेखनीय है कि जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। शाम को हल्की बारिश से शहर की कई कॉलोनियों में जलप्लावन की स्थित निर्मित हो गई है। पानी निकासी नहीं होने के कारण सड़क व नालियों में जमा पानी लोगों के घरों में घुसने लगा। यह देख लोग भयभीत हो गए। आनन-फानन में जेसीबी बुलाकर नाली की सफाई की गई है। इसके बावजूद यदि रात में बारिश हुई तो नेहरु नगर एवं बरा जैसे कई मोहल्लों में बाढ़ की स्थित निर्मित हो जाएगी। शाम हुई बारिश में नेहरु नगर कालोनी में जल प्लावन की स्थित निर्मित हो गई। इसका मुख्य कारण फ्लाईओवर निर्माण है। फ्लाईओवर निर्माण के लिए बनी सर्विस रोड के कारण पानी दूसरी तरफ नहीं आ रहा है। वहीं पानी निकासी के लिए बने नाले को निर्माण एजेंसी ने पाट दिया है। इसके कारण नेहरु नगर का पानी नहीं निकल पा रहा था। 
सोलर पावर प्लांट में पानी घुसा, मची तबाही

इसकी सूचना पर नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जेसीबी मशीन से खोदवा कर पानी निकासी की व्यवस्था बनाई। इसे बावजूद भी ज्यादा बारिश होने से इस कालोनी का पानी नहीं निकल पाएगा।वहीं वार्ड क्रमाक 8 में सीवर लाइन के लिए खोदी गई नालियों व सड़क के किनारे की मिट्टी नहीं हटाई गई है। पानी गिरने के बाद पूरी सड़क कीचड़ से तब्दील हो गई है। इससे गुजरने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं सड़क के किनारे खोदे नाले में पानी भर गया है। इसमें सुरक्षा के कोई उपाय नहीं होने के कारण लोगों को दुर्घटना का डर सत्ता रहा है।

सोलर बिजली का उत्पादन हुआ बंद

बारिश के चलते हुई इस तबाही की वजह से प्लांट का बिजली उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। जानकारी मिली है कि 150 मेगावॉट उत्पादन बंद हो गया है। इसकी भरपाई होने में करीब महीने भर से अधिक का समय लगने का अनुमान है।
सोलर पावर प्लांट में पानी घुसा, मची तबाही

सर्वाधिक नुकसान यूनिट क्रमांक-2 एवं 3 को

 देश के सबसे बड़े सोलर पॉवर प्लांट में शामिल रीवा के 750 अल्ट्रा मेगावॉट क्षमता के इस प्लांट में पहाड़ी नदी के पानी से भारी नुकसान हुआ है। सोलर प्लांट की यूनिट नंबर तीन और दो में अधिक नुकसान हुआ है। प्लांट के सोलर पैनल, इनवर्टर,फेसिंग लाइन, कूलिंग सेंटर सहित कई प्रमुख उपकरणों को नुकसान पहुंचा है। एरिंसन एनर्जी और एकमे एनर्जी कंपनियों ने पहाड़ी नदी देउदह के किनारे पैनल लगा दिए थे। जिसकी वजह से नदी के तेज बहाव ने अपने साथ प्लांट की सामग्री भी बहा डाली है। पूर्व में कंपनियों को नदी के किनारे पैनल नहीं लगाने के लिए चेताया गया था लेकिन वह नहीं मानीं और मनमानी रूप से सोलर पैनल लगा डाला। अनुमान के मुताबिक करीब 40 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।

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