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मोहरबा गांव के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का किया घेराव, गेट पर बैठकर योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग

रीवा। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का सही पालन न होने के कारण पात्र हितग्राही इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं और योजना में लाभ लेने के लिए उन्हें अधिकारियों का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। मंगलवार को सेमरिया तहसील अंतर्गत मोहरबा 482 गांव के ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और नारी चेतना मंच के बैनर तले कलेक्ट्रेट गेट पर धरना देकर योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग उठाई है। कार्यालय के मुख्य गेट पर ग्रामीणों के बैठ जाने की जानकारी लगते ही एसडीएम हुजूर और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझाइश दी कि जो भी मांग है कि उसे पूरा किया जाएगा। लेकिन अपनी मांगों पर अडिग ग्रामीण कलेक्टर से सीधी बात रखने की जिद पर अड़े रहे और वे कलेक्ट्रेट गेट पर बैठे रहे। अंतत: कलेक्टर के आने के बाद और उनकी समझाइश पर ग्रामीणों का आन्दोलन समाप्त हो पाया।

क्या थी मांग
कलेक्ट्रेट गेट पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि गांव में गरीब परिवार के लोग रह रहे हैं। कई ऐसे लोग हैं जो शारीरिक रूप से नि:शक्त हैं। तो वहीं दो वक्त का भोजन भी जुटा पाना उनके लिए मुश्किल है। इसके बाद भी उन्हें गरीबी रेखा का प्रमाण पत्र नहीं बनाया गया। उनकी मांग है कि गरीब में जीवन जीने वाले परिवार के सदस्यों की सूची बनाकर लाभ दिया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर आवंटित कराया जाए। मध्यांह भोजन में हो रही विसंगति को दूर किया जाए तथा भोजन की गुणवत्ता अच्छी की जाए। जिससे पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सेहत पर प्रभाव न पड़े। तो वहीं मोहरबा गांव की पटवारी द्वारा कार्य में की जा रही हीलाहवाली की जांच कराए जाने सहित अन्य मांगे शामिल रही।
45 मिनट बंद रहा गेट
ग्रामीणों के गेट पर बैठ जाने के कारण कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट से लगभग 45 मिनट तक आवागमन बंद रहा। हालांकि अन्य गेट होने के कारण लोगों को समस्या नहीं आई और वे दूसरे गेट के रास्ते कार्यालय के अंदर पहुंच सके। तो वहीं कलेक्टर के आने के बाद मामला शांत हुआ और मुख्य गेट का आवागमन बहाल हो सका। इस दौरान नारी चेतना मंच की संगीता चतुर्वेदी, समाजवादी जन परिषद के अजय खरे, ग्राम मोहरबा बचाओ संघर्ष समिति के पियूष द्विवेदी सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
वर्जन
ग्रामीणों के द्वारा गरीबी रेखा में नाम जुड़वाने तथा पीएम आवास आदि को लेकर शिकायत की गई है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी पात्र हितग्राही हैं उन्हें शासन के नियमानुसार लाभ दिलवाया जाएगा। 
विकास सिंह, एसडीएम, हुजूर।
गांव के लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मोहरबा गांव से जो ग्रामीण आएं हैं वे शारीरिक रूप से नि:शक्त हैं। इसके बाद भी उनका गरीबी रेखा में नाम नहीं। आवास उन्हें नहीं मिला। यह शासन-प्रशासन की विडम्बना है और हम लोग कलेक्टर से ग्रामीणों को लाभ दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं। 
अजय खरे, समाजवादी जन परिषद अध्यक्ष। 

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