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Rewa weather : आगामी 48 घंटे के दौरान जिले में बारिश के साथ ओले पड़ने की संभावना से किसानों की बढ़ी चिंता

रीवा। आगामी 48 घंटे के दौरान जिले में बारिश के साथ ओले पड़ने की भी संभावना मौसम विशेषज्ञों द्वारा जताई जा रही है साथ ही 
 शुक्रवार को तेज बारिश होने के भी आसार हैं जबकि शनिवार को बारिश का मिजाज धीमा होगा। तो वहीं रविवार से ठण्ड का असर भी बढ़ेगा। मौसम विशेषज्ञों की माने तो कश्मीर, पंजाब सहित वेस्टर्न उत्तर भारत के मौसम का असर रीवा सहित विंध्य क्षेत्र में एक बार फिर देखने को मिल सकता है। गुरूवार को दिनभर मौसम में बदलाव बना रहा। सुबह से ही बादलों की लुका-छिपी देखी गई तो वहीं शाम 4 बजे चमक-गरज के साथ जिले में बंूदाबांदी भी हुई है। हालांकि  पड़ोसी जिला सतना में ओले पड़ने की भी खबर है। जबकि बदला हुआ मौसम रीवा जिले के लिए भी खतरे की घंटी है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि तापमान बढ़ने के साथ ही आर्द्रता आने पर तापमान में इसका असर पड़ता है और टम्प्रेचर कम होता है। ऐसी स्थिति में ओले पड़ने की संभावना बन जाती है। बदला हुआ मौसम कुछ इसी तरह का बना हुआ है। जिसके चलते रीवा सहित आसपास के क्षेत्र में आगामी 48 घंटे किसानों के लिए अच्छे नहीं है। ओले पड़ने पर किसानों को प्रकृति की मार झेलनी पड़ेगी। 
फसलों के लिए घातक है बदला हुआ मौसम
बदले हुए मौसम के बीच किसानों को इन दिनों सिंचाई का काम पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए तो वहीं खेतों में यूरिया का छिड़काव फसलों के लिए ठीक नहीं होगा। तो वहीं जो फसले मटर, अरहर सहित अन्य दलहनी फसलें तैयार हैं उनकी कटाई करना किसानों के लिए ठीक नहीं होगा और जो फसलें कटी हुई हैं उन्हें छाया वाले स्थान में रखकर किसान फसलों को खराब से होने से बचा सकते हैं। बदला हुआ मौसम कीट पतंगों से भी फसलों के लिए घातक है। ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा फसलों पर माहू और इल्ली का प्रभाव पड़ता है। इसके लिए किसानों को सचेत रहना होगा और दवा आदि का छिड़काव करने के साथ ही मौसम खुलने का इंतजार करना पड़ेगा।
उत्पादन पर पड़ेगा असर 
जिस तरह से मौसम का मिजाज बना हुआ है इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। ओले गिरते हैं तो हर तरह से किसानों को ही नुकसान होगा। जबकि बारिश होने पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। तेज बारिश होती है तो दलहनी फसलों में लगे हुए फूल झड़ेंगे और इससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। जबकि गेहूं की फसल के लिए यह पानी लाभकारी है। ऐसे में किसान अब चिंतित हो गए हैं और मौसम खुलने के लिए प्रार्थनाएं भी कर रहे हैं। चूंकि इन दिनों दलहनी फसलें खेतों में न सिर्फ तैयार हैं बल्कि देरी से बोनी की गई फसलों में फूल लगे हुए हैं।
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दो दिनों तक रीवा और असपास के क्षेत्र में बारिश तथा ओले गिरने के आसार बने हुए हैं। इसके बाद मौसम खुलने पर न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। किसानों को इस दौरान सचेत रहने की जरूरत है। 
अखिलेश कुमार, कृषि वैज्ञानिक, रीवा।

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