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नशीली दवा पर नकेल कसने 30 थाना क्षेत्रों में हुई संयुक्त कार्रवाई, बिना लाईसेंस वाली दवा दुकानें सील, जप्त हुई नशीली सिरप

रीवा। दवा दुकान तथा क्लीनिक की आड़ में जिले के अंदर सप्लाई की जा रही नशीली दवा पर नकेल कसने शुक्रवार को कलेटक्र के निर्देश पर बनाई गई जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की 16 सदस्यीय टीम ने जिले के चप्पे-चप्पे में दबिश देकर जहां दवा दुकानों और क्लीनिक की जांच पड़ताल करके बिना लाईसेंस वाली दुकानों एवं क्लीनिक को सील किया है वहीं नशीली सिरप भी व्यापक पैमाने पर टीम के द्वारा जप्त की गई है। इस कार्रवाई की जानकारी लगते ही जिलेभर के कारोबारियों में खलबली रही। दोपहर शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। प्रशासन द्वारा बनाई गई रणनीति के बाद की गई औचक कार्रवाई को लेकर जहां व्यापारी सख्ते में रहे वहीं आम जन मानस इस कार्रवाई को लेकर चर्चा करता देखा गया कि प्रशासन द्वारा औचक कार्रवाई किया जाना निश्चित तौर पर जिले में स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के साथ एक बड़ा कदम है।
एसडीएम के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
दवा दुकानों एवं नशा कारोबारियों पर कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी 6 अनुविभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी की देखरेख में उनके क्षेत्र में जांच पड़ताल की गई है और इस कार्रवाई को पूरा करने के लिए 16 टीमें बनाई गई थी। टीम में सुरक्षा-व्यवस्था के तहत जहां 100 से ज्यादा पुलिस बल लगाए गए थे वहीं ड्रग विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारी एवं कर्मचारी दवा दुकानों और क्लीनिक में पहुंचकर संचालकों से दस्तावेज आदि लेकर उसकी जांच करने के साथ ही दुकानों में स्टाक आदि की भी जानकारी लिए हैं।
जांच के दौरान दुकान के बाहर मौजूद पुलिस बल। 
सील की गई क्लीनिक व जप्त हुई सिरप
जानकारी में बताया गया है कि जांच के दौरान लगभग 5 से 6 ऐसी क्लीनिक सामने आए आई हैं जहां क्लीनिक संचालन का लाईसेंस नहीं था और फर्जीवाड़ा करके लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। ऐसी क्लीनिकों को सील किया गया है। तो वहीं 100 से ज्यादा दवा दुकानों एवं नशीली कफ सिरप के अवैध कारोबारियों के यहां दबिश दी गई है। बताया जा रहा है कि बैकुण्ठपुर में कार्रवाई के दौरान रिक्की सिंह के घर से 24 पेटी नशीली सिरप जप्त की गई है। उक्त पेटियों में 2500 शीशी कफ सिरप रखी हुई थी। जबकि सिरप मामले में नीरज पाण्डेय नामक युवक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। इसी तरह गोविंदगढ़ में 500 शीशी सिरप जप्त की गई है। इसी तरह मनगवां, त्योंथर, जवा, बीड़ा, मऊगंज, नईगढ़ी, शाहपुर सहित जिले के न सिर्फ कस्बाई क्षेत्र बल्कि चप्पे-चप्पे पर टीम पहुंचकर जांच करने में जुटी रही तो वहीं दवा दुकानों में प्रशासन की पैनी नजर बनी रही।
व्यापारियों में रही खलबली
दवा दुकानों में तथा क्लीनिक और नशा कारोबारियों के यहां की गई कार्रवाई से व्यापारियों में खलबली रही। जैसे ही लोगों को जानकारी हुई कि प्रशासन की टीम मैदानी स्तर पर उतरी है वे अपने परिचितों को इसकी जानकारी देते रहे। तो वहीं कारोबारी भी अपने दुकान में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए जुटे रहे। एक तरफ कारोबारी जांच बचने का जुगाड़ लगाते रहे तो वहीं प्रशासन जांच करने में लगा रहा। हालांकि अभी पूरा ब्यौरा प्रशासन द्वारा अधिकृत रूप से नहीं दिया गया। संभावना है कि यह जांच अभी जारी रहेगी और जांच पूरी होने के बाद ही जिले में दवा के नाम पर की जा रही घपलेबाजी का पूरा मामला सामने आएगा।
वर्जन
दवा दुकानों सहित नशीली दवा और क्लीनिक की जांच करने के लिए 16 दल बनाए गए हैं। यह संयुक्त कार्रवाई है। इसके लिए सभी टीमें जांच में अभी लगी हुई हैं। हमारा प्रयास है कि जो भी दवा दुकान संचालक या फिर कारोबारी गलत तरीके से कारोबार कर रहा है उसके खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ ही दुकान आदि सील की जाएगी।
ओमप्रकाश श्रीवास्तव, कलेटकर, रीवा।  

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