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पुलिस के हत्थे चढ़ा एटीएम फ्राड गिरोह, एक दर्जन वारदातों को दे चुके हैं अंजाम, पूछताछ जारी

रीवा। एटीएम के कीपैड पर फेवीक्विक डालकर पहले कीपैड को लॉक कर देते थे। जिसके कारण एटीएम का सर्वर हैंग हो जाता था। इस दौरान जब कोई उपभोक्ता एटीएम कार्ड का प्रयोग करने पहुंचता उस समय कई बार प्रयास करने के दौरान उसे रूपए निकालने में सफलता न मिलती। जब वह एटीम पिन डाल रहा होता तो उसका एटीएम पिन बगल खड़े युवक देख्ा लेते थे और मौका देखते ही एटीएम कार्ड बदल लेते थे। जिसके बाद वह खाते से उक्त एटीएम से पैसे निकाल लेते थे। उक्त बातें किसी और ने नहीं बल्कि पुलिस अभिरक्षा में एटीएम फ्राड गिरोह के सरगना भावेस ने पुलिस को बताई। पुलिस ने सरगना सहित उसके गिरोह के सभी 5 युवकों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे कर दिया है। उक्त मामला शहर के समान थाना का बताया गया है।
घटनाक्रम पर एक नजर
शिवेन्द्र चतुर्वेदी पुत्र अरूणेन्द्र चतुर्वेदी निवासी रतहरा गत 8 जनवरी को सायं साढ़े 6 बजे समान तिराहा पर लगे यूनियन बैंक के एटीएम में पैसे निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच उन्हें पैसा निकालने की मदद करने के नाम पर उनका एटीएम कार्ड बदल लिया गया था। एटीएम कार्ड बदले जाने का पता उन्हें तब लगा जब उनके मोबाइल पर 30 हजार स्र्पए निकल चुके थे। उन्होंने इसकी रिपोर्ट समान थाने में दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी प्रभात शुक्ला ने अज्ञात लोगों के विरूद्ध 420, 379, 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी थी।
तब आंखों में आ गई चमक
एटीएम फ्राड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस अभी हवा में हाथ-पांव मार ही रही थी कि तभी उनके हाथ अहम सुराग लग गया। साइबर सेल से मिली रिपोर्ट पर उन्हें पता चला कि एटीएम बदलने वाले लोगों ने उक्त कार्ड से समान थाना के पास स्थित समदड़िया ज्वेलर्स से खरीददारी की है। जिस पर उन्होंने आनन-फानन में फुटेज की फोटो दिखाकर अज्ञात आरोपियों की शिनाख्त करने की कोशिश्ा की। लेकिन उन्हें पता नहीं चला कि उक्त फ्राड करने वाले लोग कौन है। इसी बीच सूचना आई कि एटीएम बदलने वाले संदेहियों को कुछ लोगों ने पकड़ रखा है। यह सूचना मिलते ही पुलिस की आंखों में चमक आ गई।
दिखाया साहस
एटीएम फ्राड के शिकार हुए शिवेन्द्र चतुर्वेदी अपने भाई कृष्ण मुरारी चतुर्वेदी के साथ अस्पताल जा रहे थे। तभी उनकी नजर एक युवक पर पड़ी। उन्हें उसे पहचानने में देर न लगी। उन्होंने स्थानीय लोगों की सहायता से भावेश सिंह पुत्र नागेन्द्र सिंह को पकड़कर समान पुलिस के  हवाले कर दिया। पहले तो भावेस पुलिस को गुमराह करता रहा। लेकिन जब पुलिस अपने पर उतरी तो वह रटे-रटाए तोते की तरह बोलना शुरू कर दिया। पुलिस ने पूरी वारदात न केवल कबूल की बल्कि अपने साथियों का नाम, पता भी पुलिस को बता दिया।
खाता कराया होल्ड
आरोपी हाथ लग जाने के बाद पुलिस अभी तस्दीक में जुटी थी तभी उन्हें पता चला कि आरोपी भावेस बदले हुए एटीएम कार्ड से अपने रिश्तेदारों व मित्रों के खातों में राशि स्थानांतरित कर देता था। हालांकि कई बार तो उसने ऑन लाइन शॉपिंग के जरिए सामान की खरीददारी कर लेता था। लेकिन इस बार उसने 1 लाख 91 हजार अपनी माता प्रेमबाला सिंह के खाते में ट्रांसफर किया था। आनन-फानन में आजमगढ़ पुलिस अधीक्षक से बात कर खाते को होल्ड कराया गया।
ये हैं आरोपी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान भावेस सिंह पुत्र नागेन्द्र सिंह 24 वर्ष निवासी जेठरी जिला आजमगढ़, अश्वनी सिंह पुत्र अशोक कुमार सिंह 28 वर्ष निवासी नरवे ठेकमा आजमगढ़, आनंद सिंह 28 वर्ष निवासी खालसा पट्टी जौन्हपुर, अंगद यादव पुत्र रामनारायण सिंह यादव 23 वर्ष निवासी नरवे थाना बरहद आजमगढ़ व रोशन सिंह पुत्र रामसहाय सिंह 25 वर्ष निवासी नरवे थाना बरहद जिला आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के रूप में की गई है।
जप्ती पर एक नजर
पकड़े गए आरोपियों के पास से एसबीआई के 3, पीएनबी के 2, यूनियन बैंक के दो, एचडीएफसी के 2, मध्यांचल के 2, केनरा बैंक का 1 व सेंट्रल बैंक का 1 कुल 11 एटीएम कार्ड, चार 24 कैरेट की सोने की अंगूठी, 4 मोबाइल हैण्डसेट, 54 हजार स्र्पए नगद, एक बिना नम्बर की बैगनआर कार जप्त की गई है।
ईनाम की घोषणा
ऑन लाइन फ्राड करने वाले गिरोह को पकड़ने के लिए प्रभारी एसपी आशुतोष गुप्ता ने थाना प्रभारी प्रभात शुक्ला, उप निरीक्षक लक्ष्मी बागरी, उप निरीक्षक शैल यादव, सहायक उप निरीक्षक लल्लन सिंह नेताम, आरक्षक विनोद तिवारी, रामदरश पटेल, सैनिक पारस तिवारी, नगद ईनाम देने की घोषणा की है।
वर्जन
एक युवक को पकड़कर स्थानीय लोगों ने पुलिस के हवाले किया था। जिससे पूछताछ किए जाने पर चार अन्य को गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे कर दिया गया है। उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उनके कब्जे से एक दर्जन के करीब एटीएम कार्ड, चार सोने की अंगूठी, 54 हजार स्र्पए नकद, एक बैगनआर कार एवं एक आरोपी के मां के खाते से एक लाख 91 हजार स्र्पए की राशि रिकव्हर करने का प्रयास किया जा रहा है। 
प्रभात शुक्ला, थाना प्रभारी, समान।

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