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makar sankranti 2019 : शिवालयों में गूंजे हर-हर महादेवा, भरा मेला, पतंगबाजों ने लड़ाए पेंच

रीवा। सोमवार को मकर संक्रांति का पर्व जिलेभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया और सुबह से ही शिव मंदिरों में हर-हर महादेवा के नारे गूंजने लगे। सुबह से ही जहां भक्तों ने पहुंचकर भ्ागवान भोलेनाथ को इस पावन अवसर पर स्नान आदि कराया। मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों के जल से स्नान करने पर सभी तरह के पाप धुल जाते हैं। यही वजह रही कि लोग गंगा जल डालकर स्नान किए। तो शहर में बहने वाली बीहर नदी में भी कई भक्त पहुंचकर स्नान किए। कारण यह कि सोन नदी पर बने हुए डैम से पानी बीहर नदी में पहुंचता है। यही वजह रही कि लोग सोन का पवित्र पानी मानकर स्नान किए वहीं पचमठा घाट में कविता पाण्डेय के नेतृत्व में बीहर नदी में सूर्य को अर्घ्य भी दिया गया। जिले के देवतालाब शिव मंदिर में लगभग डेढ़ हजार भक्तों ने पहुंचकर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना किए हैं। किला के महामृत्युंजय मंदिर में एक हजार से ज्यादा भक्तों की पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इसी तरह कष्टहर नाथ, बिरसिंहपुर सहित अन्य शिव मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ रही। जिसके चलते पुलिस बल व्यवस्था के तहत लगाया गया था। 
patang buying child

 जमकर की खरीदी
 शिव मंदिरों में मकर संक्रांति का मेला भी भरा जहां पूजा-अर्चना करने पहुंचे भक्तों द्वारा मेले में खरीदी की गई। इस दौरान तिल, गुड़ और लाई के लड्डू की सबसे ज्यादा खरीदी लोगों के द्वारा की गई। साथ ही मेले में घरेलू उपयोग के सामान की खरीदी करते कई श्रद्धालु करते नजर आए। मेला स्थल पर चाट, पकौड़ा से लेकर गन्न्ा आदि की भी दुकानें लगाई गई थी जहां लोगों ने पहुंचकर खाने-पीने का आनंद भी उठाया तो वहीं झूले का लुफ्त उठाते नजर आए।
पतंगबाजों ने लड़ाए पेंच
 मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी का आयोजन टीआरएस कालेज के मैदान में हिन्दू उत्सव समिति द्वारा किया गया जिसमें 47 पतंगबाजों ने हिस्सा लिया। जिसमें ढील और खींच दो तरह की शर्ते रखी गई थी और पतंगबाजों ने उक्त शर्त के आधार पर एक-दूसरे की पतंग को काटने के लिए दांव लगाते रहे। तो वहीं मैदान में कटी पतंग को प्राप्त करने के लिए छोटे-छोटे बच्चे दौड़ लगाते नजर आए। इस पतंगबाजी का नजारा लेने के लिए शहर के कई गणमान्यजन पहुंचे हुए थे। हिन्दू उत्सव समिति के नारायण डिगवानी ने बताया कि पतंगबाजी का आयोजन वर्षो से समिति द्वारा किया जा रहा है। इसके पीछे उद्देश्य है कि मकर संक्रांति पर्व पर होने वाले इस तरह के आयोजन को आगे भ्ाी जीवित रखा जा सके। वहीं प्रतिभागियों को समिति द्वारा पुरस्कार भी दिया गया। 
आज भी मनाई जाएगी मकर संक्रांति
इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व दो दिन का मनाया जा रहा है। जानकारों ने बताया कि मकर का मर्ुहूत सोमवार की शाम से शुरू हो रहा है। जिसके चलते उदयातिथि काल में मकर मंगलवार को पड़ेगा और ऐसे में आज भी ज्यादातर लोग मकर संक्रांति पर्व मनाने के साथ ही शिव मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। तो वहीं शिव मंदिर परिसरों में दो दिन का मेला भी लगा हुआ है। 

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