Breaking News

सर्द हवाओं व गलन भरी ठण्ड से हाफ रहे लोग, पारे में आ रही गिरावट

रीवा।  उत्तर भारत से चल रही सर्द हवाओं के चलते गलन भरी ठण्ड से इसका जन-जीवन पर असर पड़ रहा है। ठण्ड का असर शाम ढलने के साथ ही तेज हो जाता है और रात में तो मानो आसमान से ठण्ड के रूप में बर्फ गिर रही हो। तो वहीं सुबह भी धूप का असर 9 बजे के बाद ही पड़ता है जिसके चलते ठण्ड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। दिसम्बर माह के आखिरी समय में ठण्ड का प्रभाव बढ़ा है उससे माना जा रहा है कि नव वर्ष कड़ाके की ठण्ड के बीच उसकी शुरूआत होगी। सर्द के मौसम में इन दिनों ठण्ड जिस तरह से पड़ रही है वह सीजन की सबसे ज्यादा ठण्ड मानी जा रही है। कारण यह कि दिन में भी ठण्ड से राहत नहीं मिल पा रही है। ठण्ड हवाओं के चलते धूप का असर भी कमजोर साबित हो रहा है। दोपहर 12 से 2 बजे के बीच हल्की राहत धूप में लोग महसूस कर रहे हैं। जबकि 20 से 22 घंटे ठण्ड का तेज प्रभाव लोगों को परेशान कर रहा है।
 पारे में आ रही गिरावट
जम्मू काश्मीर सहित अन्य क्षेत्रों में हुई बर्फबारी तथा उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के चलते लगातार पारे में गिरावट आ रही है। रविवार को जिले का न्यूनतम तापमान 3.3 रिकार्ड किया गया है। तो वहीं दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है और अधिकतम तापमान 16 से 17 डिग्री के बीच बना हुआ है। आगामी दिनों में मौसम में और बदलाव आने की संभावना है और कोहरे के साथ ठण्ड का प्रभाव ज्यादा तेज हो सकता है।
सूनी हो जाती है सड़कें
तेज ठण्ड के चलते इन दिनों शहर में मानो कर्फ्यू जैसा नजारा भी देखने में आ रहा है। शाम ढलते ही लोग अपने घरों में दुबक जाते हैं। तो वहीं सुबह के समय भी इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आ रहे हैं। महज दोपहर के समय ही सड़कों पर चहलकदमी देखी जा रही है। सबसे ज्यादा खुले आसमान के नीचे रह रहे लोगों को ठण्ड में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कोठी कम्पाउण्ड स्थित शिव मंदिर, सॉई मंदिर के आसपास भिक्षाटन करने वाले लोग रहते हैं और इस ठण्ड में वे महज अलाव के सहारे अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। तो इसी तरह रिक्शा स्टैण्ड सहित सिरमौर चौराहा, अस्पताल के आसपास भी लोग खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। जरूरत है कि ऐसे लोगों को प्रशासन रात के समय सुरक्षित स्थान इन्हें व्यवस्थित करे।