Sunday, June 26, 2022

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भोपाल से लेकर रीवा तक बिजली सप्लाई निर्बाध कराने चल रही कवायद, भाजपा वाले कांग्रेस वालों का उड़ा रहे मजाक

रीवा। जिले में इन दिनों बिजली समस्या को लेकर चारों ओर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। बात भी सही है। पिछले कई सालों से लोगों को कभी-कभार ही बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन पिछले तीन महीनों से यह स्थिति गंभीर होती जा रही है। कहीं भी, कभी भी बिजली गुल हो जाती है। और तो और कलेक्ट्रेट-कमिश्नरी की बिजली भी कई बार बैठकों के दौरान ही जब गुल हो गई तो बड़े अधिकारी खुद परेशान हो बैठे। ऐसे में भाजपाई कांग्रेसियों का खासा मजाक उड़ाने लगे हैं। वहीं भोपाल से रीवा तक, मुख्यमंत्री से लेकर कांग्रेस की जिला इकाई का कार्यकर्ता तक हैरान है कि ऐसा क्यों हो रहा है। 
सामान्य तौर पर आम नागरिक भी यह कहता है कि भारतीय जनता पार्टी के तीसरे कार्यकाल में लोगों को पर्याप्त बिजली मिलती रही है। यह बात अलग थी कि बिजली बिल का रोना लोगों के सिर चढ़ कर बोल रहा था। दो कमरों वाले घरों का बिजली बिल भी दो-दो हजार रुपये आने लगा था और बिल सुधरवाने वालों की दफ्तर में एक लंबी कतार लगी रहती थी। लेकिन वर्तमान में बिजली के लगातार गुल होने के कारण लोग मजाक में कहने लगे हैं कि कांग्रेस की सरकार आ गई है, बिजली तो गुल होगी ही। यह मामला अकेले रीवा जिले का नहीं है। बल्कि पूरे प्रदेश में जब चिल्ला-चोंट मची तो मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया। कई अधिकारी-कर्मचारी मुख्यमंत्री के गुस्से के शिकार भी हो गये। लेेकिन रीवा जिले में यह स्थिति और बदतर होती जा रही है। ग्रामीण इलाकों की तो छोडिय़े, शहरी क्षेत्र में भी बिजली गुल होने की ऐसी स्थिति बन गई है कि दोपहर-रात्रि कभी भी दो-दो घंटे के लिये बिजली गुल हो जाती है। विद्युत व्यवस्था सुधार करने वाले लाइन मैन भी इन दिनों डरे-सहमे से रहते हैं कि जनता की नाराजगी का सामना कब कहां करना पड़ जाये। बीते दिनों नेहरू नगर और कुठुलिया में कर्मचारियों के साथ हुई झूमा-झटकी इसका ताजा उदाहरण रहा है। 

होने लगी औसतन डेढ़ सौ से ज्यादा शिकायतें

विद्युत वितरण कंपनी के अमहिया स्थित शिकायत केन्द्र में इस समय औसतन डेढ़ सौ से ज्यादा शिकायतें रोजाना आ रही है। जबकि तीन महीने पहले तक यह ग्राफ महज 25-30 में ही सिमट गया था। इतना ही नहीं, पहले तीन वाहनों में एक-चार का स्टाफ शहर में विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिये घूमता रहता था। जबकि वर्तमान में केवल एक वाहन में एक-चार का स्टाफ विद्युत व्यवस्था बेहतर बनाने में ड्यूटीरत है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि व्यवस्था कितनी बेहतर बन पायेगी। एक दिन में डेढ़ सौ शिकायतों का निराकरण इतना छोटा स्टाफ कैसे कर पायेगा यह एक अहम प्रश्न है। वर्तमान में लोग यहां से जा चुके सी.ई. के.एल. वर्मा का नाम जरूर याद करते हैं कि उनके कार्यकाल में शिकायतों का निराकरण अधिकतम चार घंटे में हो जाता था। लेकिन अब अगर आपने विद्युत परेशानी संबंधी शिकायत दर्ज कराई है तो वह 12 घंटे में भी निराकृत हो जाये तो बड़ी बात मानी जायेगी। 

…तो कांग्रेस पार्षद देंगे धरना

रीवा नगर निगम के वार्ड क्र.12 के पार्षद विनोद शर्मा ने अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ 10 जून को धरना देने का एलान कर दिया है। इस संबंध में उन्होंने बताया कि रीवा शहर समेत पूरा जिला अघोषित विद्युत कटौती की चपेट में है। ट्रिपिंग के नाम पर थोड़ी-थोड़ी देर में ही बिजली कटौती की जा रही है। कई बार तो आधी रात को भी बिजली कट हो जाती है। इसका कोई कारण बताने को तैयार नहीं है। श्री शर्मा का आरोप है कि विद्युत कन्ट्रोल रूम में कोई फोन उठाने तक को तैयार नहीं रहता। इससे प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस सरकार की छवि धूमिल हो रही है। उक्त संबंध में इन्होंने अधीक्षण यंत्री को जारी पत्र में कहा है कि 48 घंटे में अपनी पूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लें अन्यथा 10 जून को वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। श्री शर्मा ने यह भी कहा कि आम जनता को जान-बूझ कर परेशान करने के लिये विभाग के लोग इस तरह की हरकते कर रहे हैं। 

जरा सा लोड बढ़ा तो ट्रान्सफार्मर हो जाते हैं फुस्स

एक चौकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि वर्तमान में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लगाये जाने वाले ट्रान्सफार्मर बहुत ही घटिया किस्म के हैं। इनकी सप्लाई विद्युत वितरण कंपनी ने बीते साल गुजरात की एक कंपनी से ली थी जिसे गुजरात सरकार ने ब्लैक लिस्टेड कर रखा था। विभाग के सूत्र कहते हैं कि ये ट्रान्सफार्मर जरा सा भी अतिरिक्त लोड नहीं ले पाते और उड़ जाते हैं। इसके अलावा ट्रान्सफार्मरों की हालत यह है कि तीब्रतम गर्मी के बीच आये दिन जल रहे हैं जिसकी वजह से परेशानी और बढ़ती जा रही है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि अगर इस व्यवस्था को सुधारा जाये तभी स्थिति सामान्य हो पायेगी नहीं तो आने वाले दिनों में यह और विकराल रूप धारण करेगी। 
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