hindinews11.com

बिजली प्रॉबलम : एक ओर शहर में निकल रही थी चिमनी यात्रा दूसरी ओर शहर में था ब्लैकआउट,

 रीवा। बिजली समस्या अब और तेजी के साथ बढ़ती जा रही है। एक ओर लोग जहां इसे लेकर सरकार को निशाने पर ले रहे हैं तो दूसरी ओर बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी सवालिया निशान खड़ा होने लगा है। कांग्रेसी और उनकी सरकार लगातार विभागीय अधिकारियों को चेतावनी व नोटिस देते हुये कार्यवाही करने की बात कह रहे हैं लेकिन यह सब बेअसर है। 
rewa_city_light_problem_stike-bjp-ledar
बीती शाम रीवा शहर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अघोषित विद्युत कटौती के विरुद्ध चिमनी यात्रा निकाले जाने का कार्यक्रम था। जैसे ही शाम सात बजे चिमनी यात्रा शुरू हुई वैसे ही आंधी का साया शहर में आ गया। इसके साथ ही पूरे शहर में अंधेरा छा गया था। ठीक ढाई घंटे बाद यानि कि साढ़े नौ बजे के आसपास शहर के कुछ इलाकों में बिजली आई। आधे शहर में 11 बजे तो कुछ इलाकों में रात्रि ढाई बजे के बाद बिजली आई, तब लोगों ने राहत की सांस ली। चिमनी यात्रा लेकर निकलने वाले भाजपाई चिल्ला रहे थे कि यह है कमलनाथ सरकार की देन। बात भी सत्य थी कि लगातार बिजली गुल हो रही है। चिमनी यात्रा के दौरान बिजली गुल होना तो एक महज संयोग था लेकिन उसके बाद आठ घंटे तक बिजली गुल रहना कहीं न कहीं अधिकारियों की लापरवाही का परिचायक भी था। 
सवाल यह उठता है कि बिजली विभाग के अधिकारी इस स्थिति को क्यों नहीं सुधार पा रहे हैं। अगर इसमें कहीं कोई दिक्कत आ रही है तो उसका निराकरण किया जाना चाहिये। अलबत्ता परेशान आम नागरिक हो रहा है। तीब्रतम गर्मी के बीच जब सामान्य जनों के कूलर पंखे न चल रहे हों तो किस प्रकार की दुर्दशा होती है सामान्य रूप से ही समझा जा सकता है। लेकिन संभवत: फिलहाल विभाग के अधिकारी इस परेशानी को समझने को ही तैयार नहीं है। 

ग्रामीण क्षेत्रों के हाल-बेहाल

शहरी इलाके में तो बिजली की लचर व्यवस्था ने लोगों को परेशान कर ही दिया है तो ग्रामीण क्षेत्रों में यह स्थिति और भयावह बनी हुई है। गांवों में अगर ट्रान्सफार्मर खराब हुआ तो समझिये कि हफ्ते भर की परेशानी बन गई। रोजाना इस संबंध में दर्जनों शिकायते कलेक्ट्रेट और विभाग के पास आ रही है। लेकिन उनका निराकरण तत्काल नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों का गुस्सा तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है। लोग कहने लगे है कि इसी परेशानी के चलते लोगों ने कांग्रेस को किनारे किया था। एक बार फिर मौका दिया तो वही पुरानी स्थिति बना दी है। 

बिजली पर राजनीति

बिजली समस्या को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमाने लगी है। भारतीय जनता पार्टी समेत अन्य दलों के लोग बिजली मुद्दे को लेकर सरकार को एक बार फिर बुरी तरह घेरने में जुट गये हैं। जबकि कांग्रेसी इस मामले में कुछ बोल पाने की स्थिति में ही नहीं है। अलबत्ता सरकार लगातार बिजली विभाग के अफसरों पर लगातार नकेल कसने का प्रयास करते हुये कार्रवाई भी की धमकी दे रही है लेकिन उसके बाद भी स्थितियां बेहतर नहीं बन पा रही है। अगर यही हालात रहे तो यही बिजली एक बार फिर सरकार के लिये परेशानी का कारण बनेगी, इसमें कोई संदेह नहीं है। 

Leave a Comment