Saturday, June 25, 2022

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परीक्षा में फेल जिले की चार छात्राओं ने किया आत्महत्या, 48 घंटे के अंतराल में हुई चार घटनाएं

रीवा। माध्यमिक शिक्षा मण्डल बोर्ड का परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित होने के बाद परीक्षा परिणाम निराशाजनक आने से फेल होने वाली 4 छात्राओं ने मौत को गले लगा लिया है। आत्महत्या करने वालों में सभी छात्राएं शामिल हैं और वे 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुई थी। बताया जा रहा है कि घोषित परिणाम में छात्राओं का परीक्षा परिणाम ख्ाराब रहा और फेल हो जाने के कारण शायद वे इतना ज्यादा परिणाम को लेकर व्यथित हो गई कि उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया है। 

परीक्षा में फेल जिले की चार छात्राओं ने किया आत्महत्या, 48 घंटे के अंतराल में हुई चार घटनाएं

इन्होंने की आत्महत्या

जिले के लौर थाना के ढनगन गांव निवासी रश्मी पटेल पुत्री बृजेश पटेल 18 वर्ष की गांव के ही ओड्डा नदी के किनारे जली हुई लाश पाई गई है। बताया जा रहा है कि गुरूवार की देर शाम तक घर में वह नजर नहीं आई तो परिजन उसकी तलाश करने लगे और रात में उसका जलता हुआ शव घर से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर ओड्डा नदी के किनारे परिजनों के हाथ लगा। रश्मि सरस्वती स्कूल देवतालाब में साइंस विषय से कक्षा 12वीं की परीक्षा दी थी और वह परीक्षा में फेल हो गई थी। परिजनों का कहना है कि परिणाम आने के बाद वह काफी सहमी हुई थी और घर से दूर जाकर उसने खुद को आग लगा लिया। तो वहीं चोरहटा थाना के सांव गांव निवासी प्राची कुशवाहा कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली है व सरकारी स्कूल चोरहटा में 12वीं कक्षा की छात्रा थी। इसी तरह ननिहाल में मानसी पाण्डेय पुत्री सुधाकर पाण्डेय 18 वर्ष निवासी भोलगढ़ थाना चोरहटा ने आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि उसका ननिहाल रामपुर बघेलान थाना अंतर्गत तिलिहा गांव में है और वह 12वीं कक्षा में फेल हो गई थी। ननिहाल में रह रही मानसी को जैसे ही फेल होने की जानकारी लगी वह परिणाम जानने के बाद घर के लोगों से नजरें बचाकर इधर-उधर घूमती रही और फिर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। इसी तरह मऊगंज थाना के ऊधवपुरवा निवासी रामनरेश तिवारी की पुत्री ने भी आत्महत्या कर ली है। सभी मामलों में पुलिस मर्ग कायम करके घटी घटना की जांच कर रही है। 

आश्वासन भी नहीं आ रहा काम

खराब परीक्षा परिणाम को लेकर बोर्ड परीक्षार्थियों में सबसे ज्यादा नकारात्मक सोच बढ़ रही है और इसे देखते हुए शासन-प्रशासन लगातार समझाइश भी दे रहा है। जिससे परीक्षार्थी छात्र-छात्राओं में परिणाम को लेकर किसी भी तरह की नकारात्मक सोच न हो। ज्ञात हो कि प्रदेश सरकार ने गत वर्ष रूक जाना नहीं व्यवस्था फेलियर परीक्षार्थियों के लिए शुरू किया था। जिससे फेल होने वाले छात्र आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बजाय वे रूक जाना नहीं के तहत 6 बार परीक्षा में हिस्सा लेकर बोर्ड परीक्षा पास कर सकें। बावजूद इसके फेल होने वाले परीक्षार्थी छात्र-छात्राओं में शायद इसका असर नहीं हो पा रहा है और वे परिणाम जानने के बाद आत्महत्या का कदम उठा रहे हैं।
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