Saturday, June 25, 2022

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गर्मी ने जमकर बरपाया कहर, गुरूवार को तापमान 47 डिग्री पार, प्री मानसून से मौसम बदला

नई दिल्ली। इस बार गर्मी ने देशभर में जमकर कहर बरपाया है। भीषण गर्मी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लेकिन अब कुछ राज्यों से राहत भरी खबर आ रही है। कई क्षेत्रों में प्री मानसून बारिश हुई है, इसके बाद मौसम का मिजाज बदला है। हिमाचल प्रदेश में भी मौसम ने करवट ली है। बुधवार को कुल्लू जिले के रोहतांग पास पर बर्फबारी हुई, इससे मौसम खुशनुमा हो गया। वहीं दूसरी ओर केरल में प्री मानसून की जोरदार बारिश जारी है, इससे कई इलाकों में हालत खराब होने लगी है। कोच्ची में भारी बारिश जारी है, इसकी वजह से घरों में बारिश का पानी भर गया है। वहीं बारिश के साथ आए कीचड़ ने लोगों की परेशानी को और भी बढ़ा दिया है।

यहां हाल बेहाल

 पिछले एक पखवाड़े से लोग गर्मी से बेहाल हैं। नौतपा के पहले से गर्मी ने जिस प्रकार अपना कहर बरपाना शुरू किया है वह क्रम लगातार बरकरार है। लोगों ने संभावना जताई थी कि नौतपा में जब बारिश नहीं हुई तो उसके तत्काल बाद लोगों को निश्चित तौर पर राहत मिलेगी और बरसात का क्रम शुरू होगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। मौसम विभाग भी गर्मी के बारे में लगातार एलर्ट जारी कर रहा है। आज मंगलवार को तापमान जहां 45 डिग्री सेल्सियस को पार करते हुए 46 के पास तक पहुंच गया वहीं मौसम विभाग के सूत्र कह रहे हैं कि बुधवार और गुरूवार को पारे का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर जाएगा। उधर राज्य सरकार के मौसम विभाग ने एलर्ट जारी करते हुए रीवा, सतना और उमरिया जिले के लिए चेतावनी दी है कि लोग घरों के अंदर रहे और लू से बचने के साथ सन स्ट्रोक से पूरी तरह बचें। क्योंकि इसी वजह से इन दिनों बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। 
रीवा जिला चिकित्सालय और संजय गांधी चिकित्सालय में इन दिनों सन स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में जहां तेजी से वृद्धि हुई है वहीं उल्टी दस्त का प्रकोप भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। प्रदूषित पानी की सप्लाई भी इसी समय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। अलबत्ता तीव्रतम गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इस बारे में जानकारी दी गई है कि अभी कम से कम 10 दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार कम ही हैं। एक ओर जहां मानसून ने केरल में दस्तक दी वहीं दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में बड़ा तूफान का दौर भी चल रहा है। लेकिन अभी उत्तर भारत के इस विंध्य इलाके में ऐसी कोई आशंका ही नहीं है कि मौसम में बदलाव आए। हालांकि मौसम वैज्ञानिक कह रहे हैं कि पारे का तापक्रम 17 जून के बाद धीरे-धीरे कम होगा। लेकिन 25 जून के पहले तक पारा 40 से 42 के बीच लगातार बना रहेगा। पानी बरसने के आसार भी इन्हीं दिनों में बन सकते हैं। 

पेयजल संकट का भी दौर

तीव्रतम गर्मी के बीच पेयजल संकट का दौर भी शहरी और ग्रामीण इलाके में तेजी के साथ बढ़ चला है। रीवा मुख्यालय में पेयजल सप्लाई बमुश्किल 30 मिनट की ही हो पा रही है। उसमें भी सुबह जब पानी सप्लाई का दौर शुरू होता है तो बिजली गुल हो जाती है। लिहाजा लोग घरों में पानी नहीं भर पाते हैं। ग्रामीण इलाकों में कुएं पूरी तरह से सूखे हुए से हैं। हैण्डपम्पों का ही एक सहारा बचा हुआ है उनमें भी लगभग 40 फीसदी हैण्डपम्प पानी की जगह केवल हवा उगल रहे हैं। लिहाजा लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। 
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